अबू धाबी, 8 मई (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान में जारी भीषण तनाव के बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे। अबूधाबी में विदेश सचिव मिस्री ने फ्रांस और यूएई के साथ त्रिस्तरीय बैठक की। विक्रम मिस्री ने दोनों देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात की और कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस बैठक का मुख्य फोकस एआई, स्पेस और कल्चरल हेरिटेज पर था। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की जानकारी देते हुए लिखा, "विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यूएई के अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी और फ्रांस के यूरोप और विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी जनरल मार्टिन ब्रायन्स के साथ 7 मई, 2026 को अबू धाबी में भारत-यूएई-फ्रांस त्रिपक्षीय मीटिंग में हिस्सा लिया।"
विदेश मंत्रालय ने आगे बताया, "बातचीत एआई, स्पेस और कल्चरल हेरिटेज के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग पर फोकस रहा। इस बात पर सहमति बनी कि त्रिपक्षीय सहयोग को एक स्ट्रक्चर्ड तरीके से आगे बढ़ाया जाए।"
इससे पहले विदेश सचिव ने भारत के लिए यूएई की राज्य मंत्री और विशेष दूत रीम अल हाशिमी और मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी के एमडी और सीईओ खलदून अल मुबारक से मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी, "विदेश सचिव ने भारत के लिए राज्य मंत्री और विशेष दूत रीम अल हाशिमी के साथ द्विपक्षीय सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने जनवरी 2026 में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के भारत दौरे और फरवरी 2026 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस हिज हाइनेस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के दौरे के दौरान लिए गए फैसलों पर हुई प्रगति का पॉजिटिव मूल्यांकन किया।"
विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में विदेश मंत्री और यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की सहअध्यक्षता में हुई 16वीं जॉइंट कमीशन मीटिंग और 5वीं स्ट्रेटेजिक डायलॉग के नतीजों पर व्यापार, निवाश, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, रक्षा और सुरक्षा, फिनटेक, स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्चर और लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्रों में चल रहे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए नई पहलों की भी पहचान की।
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