मुंबई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। वैश्विक बाजार से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुला। घरेलू बाजार में यह तेजी लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद लौटी है।
इस दौरान, बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,909.68 से 0.72 प्रतिशत यानी 558.77 अंक उछलकर 77,468.45 पर खुला, और दिन के कारोबार में एक समय इसने 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,494.79 का उच्चतम स्तर और 77,375.75 का निम्नतम स्तर छुआ।
वहीं, एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,078.30 से 0.61 प्रतिशत यानी 147.15 अंक की बढ़त के साथ 24,225.45 पर खुला, जो इंट्रा-डे ट्रेडिंग का उच्चतम स्तर रहा, जबकि 24,184.55 का स्तर दिन का निम्नतम स्तर रहा।
हालांकि खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 532.60 अंक या 0.69 प्रतिशत उछलकर 77,442.28 पर ट्रेड करता नजर आया, तो वहीं निफ्टी 50 121.10 (0.50 प्रतिशत) अंक की बढ़त के साथ 24,199.40 पर कारोबार करता नजर आया।
इस दौरान, व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में क्रमशः 0.56 प्रतिशत और 0.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी के लगभग सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड करते नजर आए। निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा, मिडस्मॉल आईटी और टेलीकॉम तथा मेटल शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार पिछले 12 कारोबारी सत्रों से दबाव में था। हालांकि अब तकनीकी संकेतक यह दर्शा रहे हैं कि बाजार में अल्पकालिक सुधार की संभावना बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट कवरिंग और बेहतर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी ने 24,060 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर से मजबूत वापसी की है। चार घंटे के चार्ट पर तेजी का संकेत देने वाला पैटर्न बनने से बाजार में रिकवरी की संभावनाएं बढ़ी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निफ्टी 24,200 से 24,260 के दायरे के ऊपर टिकता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है तथा सूचकांक 24,380 से 24,540 के स्तर तक पहुंच सकता है। वहीं 24,060 का स्तर फिलहाल महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में बना हुआ है। यदि यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी में गिरावट बढ़कर 23,575 तक जा सकती है।
निवेशक गतिविधि के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी और बुधवार को 407 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार सातवें सत्र खरीदार रहे और उन्होंने 3,973 करोड़ रुपए का निवेश किया।
वैश्विक बाजारों से भी समर्थन मिला। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका दीर्घकालिक ट्रेजरी प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद पर विचार कर रहा है, जिससे उधारी लागत कम करने में मदद मिल सकती है। इस खबर के बाद वैश्विक बॉन्ड बाजार और इक्विटी बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती रही। वहीं अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 सूचकांक 0.21 प्रतिशत और नैस्डैक 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
इस बीच, अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं। ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव 84.52 डॉलर प्रति बैरल के करीब रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में निकट अवधि में और सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति निवेशकों की निगाह में बनी रहेंगी।
--आईएएनएस
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