अमरीश पुरी की यादों के साथ वर्धन पुरी ने किया बप्पा का स्वागत, बोले- 'हर साल हमें और करीब ले आते हैं गणपति'

अमरीश पुरी की यादों के साथ वर्धन पुरी ने किया बप्पा का स्वागत, बोले- 'हर साल हमें और करीब ले आते हैं गणपति'

मुंबई, 14 सितंबर (आईएएनएस)। अभिनेता वर्धन पुरी ने अपने परिवार के साथ गणेश चतुर्थी मनाने की यादों और इस त्योहार से जुड़े अपने खास अनुभव साझा किए। उन्होंने बचपन के उन खूबसूरत पलों को याद किया, जब वह अपने दिवंगत दादा और दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी के साथ बप्पा का स्वागत किया करते थे। वर्धन के लिए गणेश चतुर्थी ऐसा समय है, जब पूरा परिवार एक साथ आता है और पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाता है।

गणेश चतुर्थी से जुड़ी अपनी सबसे प्यारी बचपन की याद के बारे में वर्धन ने आईएएनएस से कहा, ''जब परिवार ने पहली बार बप्पा को घर लाने की परंपरा शुरू की थी, तब सभी एक साथ मिलकर बप्पा के पसंदीदा मोदक अपने हाथों से बनाया करते थे। इसमें दादू, दादी, माता-पिता, बहन साची और परिवार के बाकी सभी लोग शामिल होते थे।''

उन्होंने कहा, ''यह परंपरा आज भी उसी तरह जारी है। हर साल बप्पा का घर आना हमारे परिवार के लिए ढेर सारा प्यार, खुशी और जश्न लेकर आता है। मेरे लिए यह किसी खूबसूरत आशीर्वाद जैसा है कि मेरा पूरा परिवार इस खास मौके को एक साथ मिलकर मनाता है।''

अपने परिवार के गणेश उत्सव मनाने के तरीके के बारे में वर्धन ने कहा, ''गणपति के दौरान पूरा परिवार दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से एक जगह इकट्ठा होता है। मैं अपने मंदिर में स्थापित उसी गणपति की मूर्ति को अपने घर के बैठक वाले कमरे में लेकर आता हूं। इसके बाद दो दिनों तक बप्पा का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान घर में स्वादिष्ट महाराष्ट्रीयन खाना और ढेर सारे मोदक बनाए जाते हैं।''

वर्धन ने कहा, ''दो दिन के उत्सव के बाद पूरे परिवार की मौजूदगी में बप्पा को प्यार से वापस मंदिर ले जाया जाता है। वहीं विसर्जन के लिए सभी नारियल से बनी पर्यावरण के अनुकूल गणपति की मूर्ति लाते हैं। बप्पा का उत्सव मनाने के साथ-साथ सबसे खूबसूरत रचना यानी धरती मां का ख्याल रखना भी जरूरी है। इस पूरे उत्सव की सबसे खास बात यही है कि हर साल बप्पा परिवार को एक-दूसरे के और करीब ले आते हैं। गणेश चतुर्थी हमारे लिए सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि परिवार के साथ समय बिताने और रिश्तों को और मजबूत करने का मौका भी है।''

वर्धन पुरी दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी के पोते हैं। अमरीश पुरी ने हिंदी सिनेमा में अपने दमदार अभिनय से खास पहचान बनाई थी। उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए, लेकिन फिल्म 'मिस्टर इंडिया' में उनका 'मोगैम्बो' का किरदार आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। साल 1987 में रिलीज हुई इस फिल्म में उनके किरदार का डायलॉग और अंदाज इतना मशहूर हुआ कि 'मोगैम्बो' हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार खलनायकों में शामिल हो गया।

अमरीश पुरी का 12 जनवरी 2005 को 72 साल की उम्र में निधन हो गया था। हालांकि, उनका काम आज भी दर्शकों के बीच जिंदा है।

--आईएएनएस

पीके/एएस