अमेरिकी कोर्ट ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो मामले में तय की ट्रायल की तारीख, 1 जून 2027 से होगी सुनवाई

अमेरिकी कोर्ट ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो मामले में तय की ट्रायल की तारीख, 1 जून 2027 से होगी सुनवाई

न्यूयॉर्क, 23 जुलाई (आईएएनएस)। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की सुनवाई मामले में जानकारी सामने आई है। एक अमेरिकी जज ने फैसला सुनाया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के मामले में 1 जून, 2027 से ट्रायल शुरू होगा।

इस मामले में बुधवार (स्थानीय समय) को 15 मिनट की सुनवाई हुई। इस दौरान, जज एल्विन हेलरस्टीन ने दोनों पक्षों के वकीलों के कहने पर ट्रायल की तारीख तय की।

मादुरो के वकील, बैरी पोलाक ने कहा कि वह पहले सॉवरेन इम्यूनिटी के आधार पर आरोप को चुनौती देंगे क्योंकि अगर वह सफल होता है, तो मादुरो को केस आगे नहीं लड़ना पड़ेगा।

बता दें, अमेरिकी मिलिट्री फोर्स ने 3 जनवरी को वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला किया और मादुरो और उनकी पत्नी को जबरदस्ती पकड़कर न्यूयॉर्क ले गए।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हैरान कर दिया है और दुनिया भर में इसकी कड़ी आलोचना हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को लेकर गंभीर चिंताएं जाहिर की गई।

5 जनवरी को अपनी पहली पेशी के दौरान, मादुरो ने अपने खिलाफ लगे सभी अमेरिकी आरोपों में खुद को बेकसूर बताया। इन आरोपों में ड्रग तस्करी भी शामिल थी। मादुरो ने कोर्ट को बताया कि उन्हें उनके काराकस स्थित घर से पकड़ा गया था।

काराकस में पकड़े जाने के बाद से ही कपल को ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में जेल में रखा गया है।

इस बीच, मादुरो के वकील ने कोर्ट में जज पर आरोप खारिज करने के लिए दबाव बनाना जारी रखा है और तर्क दिया है कि अमेरिका, वेनेजुएला सरकार के फंड को उनकी कानूनी फीस देने से रोककर मादुरो के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।

इस बीच, मादुरो के वकील ने कोर्ट में जज पर आरोप खारिज करने के लिए दबाव बनाना जारी रखा है और तर्क दिया है कि अमेरिका, वेनेजुएला सरकार के फंड को उनकी कानूनी फीस देने से रोककर मादुरो के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।

हालांकि, मादुरो को अपने कानूनी बचाव के लिए वेनेजुएला के फंड का इस्तेमाल करने से रोकने के वाशिंगटन के सही होने पर शक जताते हुए जज ने केस खारिज करने से इनकार कर दिया।

--आईएएनएस

केके/पीएम