नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने मंगलवार को चुनिंदा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को टालने के सरकार के फैसले का स्वागत किया।
व्यापारी संगठन ने कहा कि इस कदम से व्यापारियों के हितों की रक्षा होगी और त्योहारों सीजन में डिजिटल पेमेंट के लगातार बढ़ते ट्रेंड को प्रोत्साहन मिलेगा।
कैट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह फैसला सही समय पर लिया गया है, क्योंकि त्योहारी और शादियों के सीजन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की बिक्री उच्चतम स्तर पर होती है।
व्यापारी संगठन ने कहा, "यह फैसला सही समय पर और व्यावहारिक है, खासकर त्योहारों और शादियों के अहम सीजन के दौरान, जब लाखों व्यापारी और एमएसएमई ज्यादा कारोबार करते हैं।"
कैट के मुताबिक, यूपीआई एमडीआर को टालने से व्यापारियों को ट्रांजैक्शन की अतिरिक्त लागत से बचने में मदद मिलेगी, जो कम मार्जिन पर काम करने वाले व्यवसायों पर बोझ डाल सकती थी।
व्यापारियों के संगठन ने आगे कहा, "ट्रांजैक्शन की अतिरिक्त लागत कम मार्जिन पर काम करने वाले व्यापारियों पर एक अनावश्यक बोझ डाल सकती थी और डिजिटल पेमेंट को बड़े पैमाने पर अपनाने में बाधा डाल सकती थी।"
यह घटनाक्रम, कैट के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल की अगुवाई में लगभग 20 व्यापारिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल की 30 सितंबर को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में वित्त मंत्री के साथ हुई मुलाकात के कुछ हफ्तों बाद सामने आया है।
कैट ने कहा कि वह देश भर के व्यापार संघों के साथ भी तालमेल बिठा रहा था ताकि यह पक्का किया जा सके कि व्यापारियों की चिंताएं सरकार तक असरदार ढंग से पहुंचाई जा सकें।
इस फैसले पर खंडेलवाल ने कहा कि कैट डिजिटल पेमेंट का पूरा समर्थन करता है, लेकिन उसका मानना है कि यह सिस्टम व्यापारियों, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए सस्ता और टिकाऊ बना रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हम व्यापारियों की चिंताओं को समझने और सकारात्मक फैसला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं। कैट डिजिटल पेमेंट का समर्थन करता है, लेकिन यह सिस्टम व्यापारियों, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए सस्ता और टिकाऊ बना रहना चाहिए।"
खंडेलवाल ने कहा, "इस टालने के फैसले से व्यापारियों का भरोसा बढ़ेगा और एक मजबूत डिजिटल इंडिया बनाने में व्यापारिक समुदाय के साथ सरकार की साझेदारी और मजबूत होगी।"
--आईएएनएस
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