यूएन के बजट सलाहकार पैनल में भारतीय राजनयिक शिवानी गुप्ता का निर्विरोध चयन

UN committee nominates Indian chartered accountant-diplomat  to budget panel

न्यूयॉर्क, 7 नवंबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र में राजनयिक शिवानी गुप्ता को संयुक्त राष्ट्र महासभा के महत्वपूर्ण बजट सलाहकार पैनल में शामिल करने के लिए निर्विरोध नामित किया गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट शिवानी इस प्रतिष्ठित समिति में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

महासभा की पांचवीं समिति ने शुक्रवार को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए निर्धारित सीटों में से एक पर शिवानी गुप्ता के नामांकन को मंजूरी दी।

यह समिति संयुक्त राष्ट्र के बजट और प्रशासनिक मामलों से जुड़े मुद्दों पर विचार करती है। शिवानी का चयन एडवाइजरी कमेटी ऑन एडमिनिस्ट्रेटिव एंड बजटरी क्वेश्चंस (एसीएबीक्यू) के लिए किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने 'एक्स' पर घोषणा की कि "भारत की उम्मीदवार, शिवानी गुप्ता को 2027-2029 के कार्यकाल के लिए प्रशासनिक और बजटीय प्रश्नों पर सलाहकार समिति (एसीएबीक्यू) में चुना गया है।"

इसमें आगे कहा गया, "21 सदस्यों वाली यह संयुक्त राष्ट्र इकाई है, जिसमें सदस्य स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। एसीएबीक्यू बजट, प्रशासनिक मामलों और संसाधनों से जुड़े प्रस्तावों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समीक्षा करती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक कार्यों के लिए सदस्य देशों द्वारा दिए गए योगदान का उपयोग जवाबदेही और कुशलता के साथ हो।"

इस समिति की सिफारिशों का संयुक्त राष्ट्र महासभा के वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों में महत्वपूर्ण योगदान होता है। महासभा आमतौर पर समिति की नियुक्तियों को मंजूरी देती है, इसलिए पांचवीं समिति में निर्विरोध नामांकन को लगभग चयन के बराबर माना जा रहा है। उनका तीन साल का कार्यकाल अगले वर्ष से शुरू होगा।

शिवानी गुप्ता हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के रूप में शामिल हुई हैं। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया विभाग में अवर सचिव के पद पर कार्यरत थीं।

वह बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास और ताइवान में भारत के राजनयिक प्रतिनिधित्व में भी सेवाएं दे चुकी हैं।

शिवानी ने वर्ष 2018 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट की योग्यता हासिल की थी। कूटनीति और वित्तीय प्रबंधन का यह अनूठा अनुभव उन्हें एसीएबीक्यू के लिए एक महत्वपूर्ण सदस्य बनाता है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रसारित उनके परिचय पत्र के अनुसार, "चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में उनकी पृष्ठभूमि ने उन्हें वित्तीय रिपोर्टिंग, ऑडिट, सुशासन, कॉरपोरेट गवर्नेंस, बजट प्रबंधन, जोखिम प्रबंधन और संस्थागत निगरानी जैसे क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता दी है। उनके वित्तीय ज्ञान के साथ राजनयिक अनुभव से संयुक्त राष्ट्र के बजट और प्रशासनिक मामलों पर विचार-विमर्श में योगदान मिलने की उम्मीद है।"

--आईएएनएस

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