नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने शुक्रवार को ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज को निशाना बनाकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पांच देशों के दौरे पर जा रहे हैं, जिसमें यूएई भी शामिल है। पीएम मोदी के यूएई दौरे से पहले संयुक्त अरब अमीरात ने हमले को लेकर बयान जारी किया है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए एक बयान जारी किया और कहा कि ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
मंत्रालय ने इस घटना को एक खतरनाक बढ़ोतरी बताया, जिसका मकसद सीधे तौर पर जरूरी पानी के रास्तों की स्थिरता को कमजोर करना था।
बयान में यूएई ने भारत के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई और भारतीय जहाजों और समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों के लिए सुनिश्चित समर्थन जताया।
यूएई ने कहा कि यह हमला यूएन सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन है, जो नेविगेशन की आजादी का समर्थन करता है और कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में किसी भी तरह की रुकावट डालने को साफ तौर पर मना करता है।
किसी खास नाम का जिक्र किए बिना विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के तरीके के तौर पर करना अनधिकृत उपयोग है और यह इलाके की स्थिरता, उसके लोगों और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने अभी तक जहाज या किसी भी हताहत की पहचान को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है।
आधिकारिक प्रवक्ता के बयान में कहा गया है कि ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला मंजूर नहीं है और भारत इस बात का दुख जताता है कि कमर्शियल शिपिंग और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा, "जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू सुरक्षित हैं और हम उन्हें बचाने के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।"
एमईए ने आगे कहा कि भारत फिर से कहता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने और बेगुनाह क्रू सदस्यों को खतरे में डालने या किसी और तरह से नेविगेशन और कॉमर्स की आजादी में रुकावट डालने से बचना चाहिए।
हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने कंफर्म किया है कि नई दिल्ली स्थिति पर करीब से नजर रख रही है। यह निंदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज पहले से तय दौरे पर अबू धाबी पहुंचने से कुछ घंटे पहले आई है।
डिप्लोमैट्स का कहना है कि पीएम मोदी के दौरे पर यह हमला बातचीत का हिस्सा हो सकता है और दोनों पक्षों के बीच खाड़ी और अरब सागर में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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