न्यूयॉर्क, 4 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही ईरान को "सिर कुचलने से पहले आखिरी मौका" देने की चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये भी दावा किया कि ये अगले एक दिन में संभव है।
ओवल ऑफिस में सोमवार को उन्होंने कहा, "वे डील जल्दी करेंगे, चाहे जैसे भी। यह बहुत जटिल नहीं है। हम स्ट्रेट को लेकर बात कर रहे हैं, इसे खोलने की बात, इसे शाब्दिक रूप से कल तक खुला रखने की बात।"
हालांकि, ईरान ने कहा है कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही है। अमेरिका और ईरान के इन दावों के बीच जहाजों के लिए होर्मुज से खुले और स्वतंत्र ट्रांजिट की स्थिति अनिश्चितता में है।
तेहरान में एक प्रेस ब्रीफिंग में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा, "इस समय हम संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं कर रहे हैं।"
बाघेई ने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची को छोड़कर सभी बातचीत करने वाले ईरान में थे। हालांकि, ट्रंप ने ईरानी मंत्री के इस दावे को खारिज करते हुए ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरानी नेतृत्व अविश्वसनीय रूप से दोहरे चरित्र वाली है। मीटिंग के लिए भीख मांगने के बाद वे खुलेआम और गर्व से कहते हैं कि वे कोई बातचीत नहीं कर रहे हैं।”
बाघेई ने कहा कि ईरान ओमान के साथ परामर्श कर रहा है। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार इसका मकसद इस स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था करना है।
उन्होंने कहा कि मस्कट-तेहरान वार्ता में कोई अन्य देश शामिल नहीं है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रविवार को जिस बड़े बमबारी अभियान की योजना बनाई थी, उसे रोक दिया क्योंकि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर समेत कई देशों ने उनसे पहले से नियोजित हमले रोकने का अनुरोध किया था।
रविवार को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से बात की। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार उन्होंने तनाव कम करने के लिए बातचीत को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया और संघर्ष विराम के लिए हर संभव प्रयास करने के महत्व को रेखांकित किया ताकि राजनयिक समाधान का रास्ता साफ हो सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि नियोजित हमले की खबरें लीक होने से ईरान घबरा गया था। उन्होंने कहा कि यह हमला द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा होता और ईरान ने गिड़गिड़ाते हुए कहा कि हम बात करना चाहते हैं। हम स्ट्रेट को लेकर बात करना चाहते हैं।
स्ट्रेट को खोलने के लिए एक ज्ञापन समझौते पर ट्रंप और ईरानी प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियन ने 17 जून को हस्ताक्षर किया था। लेकिन ईरान के स्ट्रेट में जहाजों पर हमला करने और अमेरिका के ईरानी पोर्ट्स को ब्लॉक करने के कुछ ही हफ्तों बाद यह समझौता टूट गया।
--आईएएनएस
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