अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ओहियो रैली में की भारतीय मूल के रामास्वामी को जिताने की अपील

Trump rallies Ohio voters behind Vivek Ramaswamy

वाशिंगटन, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओहियो के मतदाताओं से विवेक रामास्वामी को गवर्नर चुनने की अपील की। ​​उन्होंने एक चुनावी रैली में रिपब्लिकन उम्मीदवार रामास्वामी को मंच पर बुलाया, जहां रामास्वामी ने प्रॉपर्टी टैक्स में राहत देने और 'सेंक्चुअरी सिटी' के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया।

मध्यावधि चुनावों से छह दिन पहले बुधवार को, चिलिकोथे में समर्थकों को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने रिपब्लिकन की जीत की भविष्यवाणी की और मतदाताओं से रामास्वामी तथा पार्टी के कांग्रेसी उम्मीदवारों का समर्थन करने की बार-बार अपील की।

रैली के उपलब्ध ट्रांसक्रिप्ट अनुसार, ट्रंप ने कहा, "अब से छह दिन बाद, ओहियो के लोग विवेक रामास्वामी को अपना गवर्नर चुनेंगे।"

बाद में, राष्ट्रपति ने रामास्वामी को भीड़ को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया, जिससे उन्हें डेमोक्रेट एमी एक्टन के खिलाफ अपने चुनाव अभियान के अंतिम चरण में, अपनी आर्थिक और आव्रजन (इमिग्रेशन) संबंधी नीतियों को रखने का एक और मौका मिला।

रामास्वामी ने इस मुकाबले को इस आधार पर पेश किया कि कौन सा उम्मीदवार मतदाताओं के जीवन में सुधार लाएगा। उन्होंने राज्य-स्तरीय अपने वादों को ट्रंप के राष्ट्रीय एजेंडे से सीधे तौर पर जोड़ा।

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकियों को सबसे पहले रखते हैं। मैं ओहियो के लोगों को सबसे पहले रखूंगा।"

उन्होंने वादा किया कि यदि वे चुने जाते हैं, तो वे ओहियो के इतिहास का सबसे बड़ा प्रॉपर्टी-टैक्स (संपत्ति कर) राहत पैकेज लागू करेंगे। हालांकि, उन्होंने अपने भाषण में इस प्रस्ताव के लिए कोई आंकड़े, वित्तीय योजना या इसे लागू करने की समय-सीमा नहीं बताई।

रामास्वामी ने ओहियो में 'सेंक्चुअरी सिटीज' (प्रवासियों को शरण देने वाले शहर) को खत्म करने का भी वादा किया। उन्होंने इसे प्रशासन की आव्रजन नीतियों का राज्य-स्तरीय विस्तार बताया। रैली में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि पदभार संभालने के पहले ही दिन वे कार्यकारी आदेश (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर) के जरिए इस पर कदम उठाएंगे।

ये दोनों ही बातें उनके चुनावी वादे थे। इस भाषण में किसी टैक्स कानून या राज्य के नए आव्रजन आदेश की घोषणा नहीं की गई।

ट्रंप ने बार-बार मतदान के लिए लोगों के बाहर निकलने (टर्नआउट) के महत्व पर जोर दिया और समर्थकों से कहा कि वे जीत को पहले से ही पक्का न मान लें। उनका समर्थन, रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जिताने और वाशिंगटन में ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पार्टी की क्षमता को बनाए रखने की एक व्यापक अपील का हिस्सा था।

राष्ट्रपति ने रामास्वामी के अभियान की आलोचनाओं का बचाव करते हुए मीडिया पर उनके साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक्टन के पिछले रिकॉर्ड और राजनीतिक रुख पर निशाना साधा, जबकि रामास्वामी ने कोविड के दौरान राज्य की प्रतिक्रिया को संभालने के तरीके को लेकर एक्टन की आलोचना की।

ट्रंप ने ओहियो के उम्मीदवारों के लिए समर्थन मांगने के साथ-साथ एक नया वादा भी किया कि अगर रिपब्लिकन 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' (प्रतिनिधि सभा) और 'सीनेट' दोनों में जीत जाते हैं, तो वे अमेरिका के प्रत्येक वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर देंगे। उन्होंने कहा, "अगर रिपब्लिकन 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' और सीनेट जीत जाते हैं, तो मैं संयुक्त राज्य अमेरिका के सभी वयस्क नागरिकों को 5,000 डॉलर दूंगा।"

उन्होंने इस प्रस्तावित भुगतान को 'लाभांश' (डिविडेंड) बताया, जिसकी लागत लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर होगी। उन्होंने कहा कि जिन्हें यह पैसा मिलेगा, उन्हें इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर ही खर्च करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने रैली में भुगतान की कोई समय-सीमा या फंडिंग का विस्तृत तरीका नहीं बताया।

राष्ट्रपति ने टैरिफ और घरेलू विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी व्यापार नीतियों ने कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उनके इन दावों का मकसद यह बताना था कि रिपब्लिकन की जीत से नौकरियां और परिवारों की आय सुरक्षित रहेगी।

रामास्वामी ने अपने समर्थकों से वोट करने की अपील की और भरोसा जताया कि उनकी पार्टी जीतेगी। कार्यक्रम के अंत में, ट्रंप ने भी उम्मीदवार के लिए लोगों से वोट करने की अपील दोहराई।

--आईएएनएस

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