भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, भारत को मिलेगा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ: पीयूष गोयल

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, भारत को मिलेगा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और दोनों देश ऐसे समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर व्यापारिक लाभ मिल सके।

एनडीटीवी इंडो-जापान स्ट्रैटेजिक डायलॉग में बोलते हुए गोयल ने कहा कि वॉशिंगटन में हाल के कानूनी और नीतिगत घटनाक्रमों के बावजूद उन्हें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कोई बड़ी बाधा नजर नहीं आती।

उन्होंने कहा, "हमें अमेरिका के साथ किसी तरह की कठिनाई नहीं दिख रही है। रियायतों और अन्य अधिकांश पहलुओं पर लगभग सहमति बन चुकी है।" उन्होंने बताया कि भारत ने लगातार यह मांग की है कि उसे अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर बाजार पहुंच मिले और अमेरिकी प्रशासन ने इस दृष्टिकोण को समझा है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) के तहत लगाए गए टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद की स्थिति पर गोयल ने कहा कि अमेरिका अब एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनी रहे।

उन्होंने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) राजदूत जैमीसन ग्रीर भी वार्ता के दौरान भारत की इस स्थिति को स्वीकार कर चुके हैं।

गोयल ने कहा कि अधिक टैरिफ के बावजूद भारत का अमेरिका को निर्यात मजबूत बना हुआ है, और दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने अनुमान जताया कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत का वस्तु निर्यात (मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स) पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत बढ़ेगा।

वाणिज्य मंत्री ने बताया कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। इसके बाद भारतीय निर्यातकों के लिए ब्रिटेन के बाजार में नए अवसर खुलेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते की कानूनी जांच अगले 10 से 12 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद यह मंजूरी की प्रक्रिया में जाएगा।

गोयल ने विश्वास जताया कि यह समझौता इस वर्ष के अंत तक लागू हो जाएगा, क्योंकि यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देश इसका समर्थन कर रहे हैं और किसी भी देश ने वार्ता का विरोध नहीं किया है।

पीयूष गोयल ने भारत-जापान संबंधों पर भी जोर देते हुए कहा कि अब तक दोनों देशों के रिश्तों का मुख्य आधार निवेश रहा है, लेकिन आने वाले समय में इस साझेदारी को व्यापार, टेक्नोलॉजी सहयोग और कुशल कार्यबल तक विस्तारित करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भारत की दीर्घकालिक आर्थिक विकास रणनीति में जापान एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों में तेजी से काम किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

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