स्टारलिंक ने भारत में मंजूरी पर रोक लगने की खबरों को बताया गलत, कहा- सरकार के साथ बातचीत जारी

स्टारलिंक ने भारत में मंजूरी पर रोक लगने की खबरों को बताया गलत, कहा- सरकार के साथ बातचीत जारी

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। दुनिया के जाने-माने अरबपति और उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने उसकी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया रोक दी है। कंपनी ने कहा कि वह भारत सरकार के साथ "सक्रिय और सकारात्मक बातचीत" कर रही है और उसे अपनी योजनाओं को लेकर उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि कंपनी भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उसने सभी नियामकीय तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का पालन किया है।

यह स्पष्टीकरण उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान संघर्ष में स्टारलिंक टर्मिनलों के इस्तेमाल को लेकर चिंताओं के कारण भारत ने कंपनी के व्यावसायिक संचालन की मंजूरियों को प्रभावी रूप से रोक दिया है।

ड्रेयर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि स्टारलिंक भारत सरकार के साथ सक्रिय और सकारात्मक चर्चा कर रही है और गुमनाम सूत्रों के आधार पर प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी ने सभी जरूरी नियामकीय और अनुपालन प्रक्रियाओं में सरकार के साथ पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम किया है।

ड्रेयर के अनुसार, स्टारलिंक ने भारत के लिए एक विशेष तैनाती (डिप्लॉयमेंट) मॉडल तैयार किया है, जो देश की तकनीकी संप्रभुता, नियामकीय आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।

उन्होंने कहा कि कंपनी को स्टारलिंक की तकनीकी क्षमता और दूरदराज तथा कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं को लेकर लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

ड्रेयर ने कहा कि स्टारलिंक भारत के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सरकार के साथ मिलकर जल्द से जल्द अपनी सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।

स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट-आधारित ब्रॉडबैंड सेवा देने का लाइसेंस पहले ही मिल चुका है। कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए अंतिम मंजूरी का इंतजार है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब स्पेसएक्स कथित तौर पर इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी की प्रस्तावित नैस्डैक लिस्टिंग में उसका मूल्यांकन लगभग 1.75 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकता है।

--आईएएनएस

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