जन्मदिन पर मिले प्यार से भावुक हुईं के. एस. चित्रा, कहा- 'आपका स्नेह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा आशीर्वाद'

जन्मदिन पर मिले प्यार से भावुक हुईं के. एस. चित्रा, कहा- 'आपका स्नेह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा आशीर्वाद'

मुंबई, 28 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय संगीत की दुनिया में अपनी शानदार गायकी से करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली के. एस. चित्रा किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। कई दशकों से अपनी आवाज का जादू बिखेर रहीं चित्रा ने कई भारतीय भाषाओं में यादगार गाने दिए हैं। 27 जुलाई को उनके जन्मदिन के मौके पर देश-दुनियाभर से फैंस ने उन्हें ढेरों बधाइयां दीं। प्यार और सम्मान को देख वह भावुक हो गईं और उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सभी का दिल से धन्यवाद किया।

मशहूर गायिका के. एस. चित्रा ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक खास पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने जन्मदिन पर मिले प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाओं के लिए अपने फैंस, परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से लोगों की ओर से मिलने वाला प्यार और लगातार समर्थन उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशियों और आशीर्वादों में शामिल है।

चित्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा, "मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है। दुनिया भर से मिले जन्मदिन की शुभकामनाओं, आशीर्वाद, प्यार और प्रार्थनाओं के लिए मैं आप सभी का दिल से धन्यवाद करती हूं। आपका हर मैसेज, हर फोन कॉल और हर खूबसूरत शुभकामनाओं ने मेरे दिल को गहराई से छुआ है। आपका स्नेह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा आशीर्वाद है।"

गायिका ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, ''मैं अपने प्रशंसकों के साथ-साथ दोस्तों, परिवार, शुभचिंतकों और मीडिया से जुड़े लोगों का भी धन्यवाद करती हूं। इन सभी ने मेरे जन्मदिन को खास बना दिया। ईश्वर आप सभी को खुशियां, अच्छा स्वास्थ्य, शांति और आनंद प्रदान करें। आप सभी के लिए ढेर सारा प्यार और आभार।''

के. एस. चित्रा को फिल्मी दुनिया में पहला बड़ा मौका मलयालम संगीतकार एम. जी. राधाकृष्णन ने दिया था। साल 1979 में उन्होंने चित्रा की आवाज रिकॉर्ड की। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी पहचान बनने लगी। साल 1982 में आई फिल्म 'केलकथा शब्दम' से उनके प्लेबैक सिंगिंग करियर की शुरुआत मानी जाती है।

इसके बाद चित्रा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी समेत कई भाषाओं में हजारों गाने गाए। उनकी आवाज को लोगों ने इतना पसंद किया कि उन्हें 'केरल की कोकिला' और 'लिटिल नाइटिंगेल ऑफ इंडिया' जैसे नामों से सम्मान मिला।

संगीत की दुनिया में चित्रा ने ए. आर. रहमान, इलैयाराजा, एम. एम. कीरवानी और कई बड़े संगीतकारों के साथ काम किया। हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने कई लोकप्रिय गाने दिए। फिल्म 'बॉम्बे' का गाना 'कहना ही क्या' आज भी लोगों की जुबा पर मौजूद है।

चित्रा के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में छह नेशनल फिल्म अवॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने कई फिल्मफेयर अवॉर्ड, राज्य सरकारों के पुरस्कार और साल 2005 में पद्म श्री तथा 2021 में पद्म भूषण जैसे बड़े सम्मान हासिल किए। साल 2001 में उन्होंने लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल अल्बर्ट हॉल में भी प्रस्तुति दी।

--आईएएनएस

पीके/एएस