आरबीआई अगली कुछ तिमाही तक ब्याज दरों को रख सकता है स्थिर: रिपोर्ट

आरबीआई अगली कुछ तिमाही तक ब्याज दरों को रख सकता है स्थिर: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति कमेटी (आरबीआई-एमपीसी) 3-5 जून तक होने वाली बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रख सकती है। इसकी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण महंगाई को लेकर चिंताओं में इजाफा होना है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल के बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 22 प्रतिशत की गिरावट हुई है, जिससे पिछले दो हफ्तों में भारत के एक्सटर्नल अकाउंट के आउटलुक में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।

कंपनी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि आरबीआई अगले हफ्ते ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है और यह भारत की कंजप्शन रिकवरी स्टोरी और आय साइकिल के लिए बहुत अच्छा है।"

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने के बाद कच्चा तेल फिर से 75-80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ सकता है और इससे डॉलर के मुकाबले रुपए को भी सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, आरबीआई को भी इससे अगले कुछ तिमाही में रेपो रेट को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7 प्रतिशत की वृद्धि होने से महंगाई 4.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

लिक्विडिटी को लेकर, रिपोर्ट में बताया गया है कि आरबीआई द्वारा रुपए-डॉलर स्वैप के माध्यम से 5 अरब डॉलर का तरलता प्रवाह करने के बाद सरप्लस की स्थिति घटकर शुद्ध मांग और सावधि देनदारियों के लगभग 0.2 प्रतिशत तक सीमित हो गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "हमें तत्काल चिंता का कोई कारण नहीं दिखता; एक बार कच्चे तेल पर दबाव कम हो जाए और परिणामस्वरूप मुद्रा पर भी दबाव कम हो जाए, तो आरबीआई तरलता की स्थिति को बहाल करने में सक्षम होगा।"

जमा वृद्धि 12.2 प्रतिशत वार्षिक दर से स्वस्थ बनी हुई है, लेकिन ऋण वृद्धि के साथ तालमेल नहीं रख पा रही है।

--आईएएनएस

एबीएस