नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए शनिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर कुछ समय तक इंतजार किया और परीक्षा शुरू होने के बाद ही अपने आधिकारिक आवास के लिए रवाना हुए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 12वें संस्करण के मुख्य कार्यक्रम का नेतृत्व करने के बाद कोलकाता से लौटे प्रधानमंत्री मोदी का विमान दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा। उन्हें वहां से सीधे अपने सरकारी आवास जाना था।
हालांकि, नीट-यूजी 2026 की परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली थी। ऐसे में प्रधानमंत्री ने निर्णय लिया कि वे हवाई अड्डे पर ही रुकेंगे, ताकि उनके काफिले की आवाजाही के कारण परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को यातायात संबंधी किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री का यह फैसला शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भी लिया गया। परीक्षा शुरू होने के बाद दोपहर 2 बजे के पश्चात ही वह अपने आवास के लिए रवाना हुए।
इस बीच, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देश और विदेश में 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी नीट-यूजी री-एग्जाम में शामिल हो रहे हैं।
इससे पहले, राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद कुछ अभ्यर्थियों ने आईएएनएस से बातचीत में कहा था कि 3 मई को कथित पेपर लीक की घटना के बाद उनकी तैयारी और परीक्षा को लेकर मन में संशय बना हुआ है।
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार सुबह अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे बिना किसी डर और चिंता के परीक्षा में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने यह भी बताया कि सीबीएसई कक्षा 12वीं के अंकों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले 15 लाख से अधिक छात्रों के परिणाम तैयार हैं और जल्द ही जारी किए जाएंगे।
मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा, “आज पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है। मुझे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), सभी राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, भारत की शिक्षा व्यवस्था और विशेष रूप से छात्रों पर पूरा भरोसा है।”
उन्होंने कहा, “करीब 22 लाख छात्र जल्द ही नीट परीक्षा में शामिल होंगे। बिना किसी भय और चिंता के परीक्षा दें। आप निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे। सभी छात्रों को मेरी शुभकामनाएं। छात्रों का भारत की व्यवस्था पर विश्वास है और मुझे उम्मीद है कि यह भरोसा आगे भी कायम रहेगा।”
शिक्षा मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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