नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल (एमएससीआई) की ओर से अगस्त में एमएससीआई इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में बदलाव किया जा सकता है और इससे भारतीय इक्विटी में 30,214 करोड़ रुपये का इनफ्लो आ सकता है। यह जानकारी एक नई रिपोर्ट में दी गई।
जेएम फाइनेंशियल की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि लॉरस लैब्स और बायोकॉन के इंडेक्स में शामिल होने के लिए सबसे मजबूत दावेदारों के तौर पर उभर रहे हैं। यह बदलाव 31 अगस्त से लागू होने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि लॉरस लैब्स और बायोकॉन के एमएससीआई इंडिया स्मॉल कैप इंडेक्स से एमएससीआई इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल होने की संभावना ज्यादा है। इससे ग्लोबल पैसिव फंड और एमएससीआई बेंचमार्क को ट्रैक करने वाले ईटीएफ से और अधिक निवेश आ सकता है।
ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, लॉरस लैब्स में लगभग 4,683 करोड़ रुपये और बायोकॉन में करीब 2,785 करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अपार इंडस्ट्रीज और ऊनो मिंडा ऐसे अन्य स्टॉक्स हैं जिनके स्टैंडर्ड इंडेक्स में अपग्रेड होने की संभावना मध्यम है। इनमें क्रमशः 2,464 करोड़ रुपये और 1,936 करोड़ रुपये का संभावित इनफ्लो आ सकता है।
एनालिस्ट्स का कहना है कि एमएससीआई इंडेक्स रीबैलेंसिंग के कारण मई के आखिरी ट्रेडिंग दिन में ट्रेडिंग के अंतिम 30 मिनटों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया, जिससे सेशन के आखिर में भारी गिरावट आई।
रिपोर्ट में बताया गया कि इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स एमएससीआई इंडेक्स रिव्यू पर बारीकी से नजर रखते हैं क्योंकि इनमें होने वाले बदलावों से लागू होने की तारीख के आसपास ट्रेडिंग एक्टिविटी और पैसिव फंड इनफ्लो में बड़ी हलचल हो सकती है।
2025 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा लगभग 18 अरब डॉलर की निकासी के कारण कई पोर्टफोलियो में भारत का वेटेज कम हो गया है। अगर उभरते बाजारों को लेकर धारणा बेहतर होती है, तो चुनिंदा निवेश आने की संभावना बन सकती है।
एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ चार बाजारों चीन, भारत, कोरिया और ताइवान में केंद्रित है।
जून में घोषित एमएससीआई के बाजार वर्गीकरण के तहत, 23 देशों और शहरों को विकसित बाजारों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जबकि दक्षिण कोरिया, ताइवान, चीन, भारत और मैक्सिको सहित 24 अन्य को उभरते बाजारों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
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