'महिला निर्देशक' नहीं, सिर्फ निर्देशक कहें, मधुमिता ने मीडिया से की खास अपील

'महिला निर्देशक' नहीं, सिर्फ निर्देशक कहें, मधुमिता ने मीडिया से की खास अपील

मुंबई, 4 नवंबर (आईएएनएस)। निर्देशक मधुमिता इन दिनों अपनी आगामी साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म 'जॉन डो' को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में अभिनेता अर्जुन दास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान मधुमिता ने मीडिया और फिल्म समीक्षकों से एक खास अपील की।

उन्होंने कहा कि उन्हें 'महिला निर्देशक' कहने के बजाय सिर्फ 'निर्देशक' कहा जाए। उनका मानना है कि किसी निर्देशक के नाम के साथ उसका जेंडर जोड़ने से फिल्म बनने से पहले ही एक अलग तरह की छवि बना दी जाती है।

अपनी फिल्म 'केडी अंगिरा करुप्पुदुरई' के लिए तारीफ बटोर चुकीं मधुमिता ने ट्रेलर लॉन्च के दौरान कहा कि वह हर तरह की फिल्मों में काम करना चाहती हैं।

उन्होंने कहा, ''मेरी इच्छा है कि मैं हर जॉनर की फिल्में बनाऊं और किसी भी जॉनर को बिना आजमाए न छोड़ूं। हालांकि, मेरी सभी फिल्मों में एक चीज कॉमन होगी और वह है इंसानी भावनाएं। यही मेरी फिल्मों की यूएसपी होगी।''

उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा, ''मेरी एक छोटी-सी गुजारिश है। जब आप किसी फिल्म का रिव्यू करें, तो यह न लिखें कि किसी महिला निर्देशक की फिल्म अच्छी है या खराब। सिर्फ इतना लिखें कि फिल्म अच्छी है या खराब। यह आपका अधिकार है।''

मधुमिता ने अपनी इस अपील की वजह भी बताई। उन्होंने कहा, ''इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मुझे एक महिला होने पर गर्व नहीं है। लेकिन जब किसी पद या पहचान के आगे जेंडर जोड़ दिया जाता है, तो कई बार फिल्म बनने से पहले ही उसकी एक छवि बना दी जाती है। लोग मान लेते हैं कि महिला निर्देशक सिर्फ रोमांटिक या हल्की-फुल्की फिल्में ही बनाएंगी। इसलिए मेरी गुजारिश है कि मुझे सिर्फ निर्देशक कहा जाए।''

बात करें फिल्म 'जॉन डो' की तो इसका ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। ट्रेलर की शुरुआत एक छोटे लड़के और उसकी बड़ी बहन से होती है, जो रात में कुछ खाने-पीने का सामान लेने बाहर निकलते हैं।

इस दौरान बहन किसी काम में व्यस्त होती है और अपने छोटे भाई से खुद के लिए एक स्कूप आइसक्रीम लेने को कहती है। कुछ देर बाद जब वह उसे आसपास नहीं देखती, तो घबरा जाती है। वह तुरंत घर पहुंचकर अपनी मां को इसकी जानकारी देती है। इसके बाद मां-बेटी मिलकर बच्चे की तलाश शुरू करती हैं, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिलता।

ट्रेलर में आगे पता चलता है कि यह परिवार हाल ही में दुबई से भारत आया है। बच्चे के लापता होने की सूचना पुलिस को दी जाती है। इसके बाद दो पुलिस अधिकारी, अर्जुन दास और संचना नटराजन, मामले की जांच शुरू करते हैं। शुरुआत में यह मामला एक बच्चे के लापता होने का लगता है, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ही इसकी परतें खुलने लगती हैं और मामला रहस्यमयी होता जाता है।

इसी गुत्थी को सुलझाने की कहानी फिल्म में दिखाई जाएगी। फिल्म में अर्जुन दास चंद्रू नाम के किरदार में नजर आएंगे। खास बात यह है कि वह पहली बार पर्दे पर पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगे।

फिल्म का निर्माण 'बाहुबली' जैसी पैन इंडिया ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाने वाले प्रोडक्शन हाउस अर्का मीडिया वर्क्स के बैनर तले हो रहा है। शोबू यारलागड्डा और प्रसाद देवीनेनी फिल्म के निर्माता हैं, जबकि किशोर केदारी और मधुमिता सह-निर्माता हैं। सौम्या शर्मा ने क्रिएटिव प्रोड्यूसर की जिम्मेदारी संभाली है।

फिल्म 13 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम