यरूशलम, 29 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने एक लाइव प्रसारण में कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इजरायली सेना ईरान की सैन्य इंडस्ट्री के सभी अहम ठिकानों पर हमले पूरे कर लेगी।
आईडीएफ के प्रवक्ता डेफ्रिन ने कहा, "इसका मतलब है कि हम ईरान की ज्यादातर सैन्य उत्पादन क्षमता को खत्म कर देंगे और ईरानी सरकार को उन्हें ठीक करने में बहुत समय लगेगा।"
उन्होंने आगे कहा, "हम एक व्यवस्थित प्लान के हिसाब से काम कर रहे हैं, जो बड़े हमले के साथ पहले से तैयार है और लगातार स्थिति के हिसाब से बदला जा रहा है। हमारे पास स्थिति को पूरी तरह से बदलने का मौका है।"
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शनिवार सुबह यमन से इजरायल पर लॉन्च की गई मिसाइल के बारे में डेफ्रिन ने कहा कि इजरायल हूतियों सहित कई मोर्चों पर लड़ाई के लिए तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि "जो कोई भी इजरायली नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।"
लेबनानी मोर्चे के बारे में, डेफ्रिन ने बताया कि इजरायली सेना ने अब तक 850 से ज्यादा हिज्बुल्लाह मिलिटेंट्स को मार गिराया है और वह उत्तरी इजरायली बस्तियों पर सीधी फायरिंग को रोकने के लिए दक्षिणी लेबनान में कंट्रोल बढ़ा रही है।
इस बीच, इजरायल की नेशनल इमरजेंसी सर्विस मैगन डेविड एडोम (एमडीए) और इजरायल पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को इजरायल के तेल अवीव में ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल हमले में लगभग 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना एक डिस्पर्सिंग क्लस्टर म्यूनिशन मिसाइल से जुड़ी थी जिसने शुक्रवार रात (लोकल टाइम) तेल अवीव मेट्रोपॉलिटन एरिया में कई जगहों पर हमला किया।
इसमें यह भी बताया गया कि मरने वाला एक कंस्ट्रक्शन वर्कर था, जो मिसाइल से छोड़े गए क्लस्टर म्यूनिशन के छर्रे लगने से घायल हो गया। एमडीए ने यह भी बताया कि दो लोग इन हमलों में मामूली रूप से घायल हुए हैं।
ईरान से हुए लॉन्च ने आधी रात के करीब सेंट्रल इजरायल के बड़े इलाकों में एयर डिफेंस सायरन चालू कर दिए, जिससे लोग शेल्टर में भाग गए। इससे पहले, ईरान से दक्षिणी इजरायल में एक मिसाइल लॉन्च की गई थी, जिससे दो लोगों को हल्की चोटें आईं।
बता दें, यह घटनाक्रम 28 फरवरी से ईरान पर शुरू हुए अमेरिका-इजरायली संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हुआ है। अमेरिका और इजरायल की ओर से 28 फरवरी को किए गए हमले के बाद ही जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी बेस और ठिकानों पर हमले किए।
--आईएएनएस
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