तेहरान के 14-सूत्रीय प्लान को लेकर ईरान का दावा- अमेरिका ने प्रस्ताव पर दिया जवाब

तेहरान के 14-सूत्रीय प्लान को लेकर ईरान का दावा- अमेरिका ने प्रस्ताव पर दिया जवाब

तेहरान, 4 मई (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बाद सुलह को लेकर अब तक कोई बात नहीं बन पाई है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के 14-पॉइंट वाले प्रस्तावित प्लान पर जवाब दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सरकारी आईआरआईबी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अमेरिकी की तरफ से दिए गए जवाब की समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का प्लान सिर्फ युद्ध खत्म करने पर फोकस है और इसमें न्यूक्लियर फील्ड की डिटेल्स से जुड़ी कोई बात नहीं है।

बघाई ने आगे कहा, "अभी, हम लेबनान समेत इस इलाके में युद्ध खत्म करने से जुड़े पैरामीटर्स पर फोकस कर रहे हैं। इस स्टेज पर न्यूक्लियर को लेकर हमारी कोई बातचीत नहीं है।" जबकि, अमेरिका का मुख्य मुद्दा ही न्यूक्लियर है।

ईरान ने बार-बार इस बात से इनकार किया है कि वह न्यूक्लियर बम बनाने की कोशिश कर रहा है। ईरान का कहना है कि उसका प्रोग्राम सिर्फ शांतिपूर्ण कामों के लिए है, हालांकि यह देश अकेला ऐसा देश है जिसके पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हैं और जिसने यूरेनियम को हथियार-ग्रेड लेवल के करीब संवर्धन किया है।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, रविवार को भी, ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने अपने ओमानी और जर्मन समकक्षों को युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की नई डिप्लोमैटिक कोशिशों और पहलों के बारे में जानकारी दी।

ईरानी विदेश मंत्रालय के बयानों के मुताबिक, अलग-अलग फोन कॉल में, अराघची ने ओमानी विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी और जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ ताजा क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बातचीत की।

इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान और दूसरे शहरों पर 28 फरवरी को हमले किए, जिसमें ईरान के उस समय के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई, सीनियर कमांडर और आम लोग मारे गए। ईरान ने भी इस इलाके में इजरायल और अमेरिकी एयरबेस और संपत्तियों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

28 फरवरी से जारी हमलों के बाद 8 अप्रैल को सीजफायर लागू हुआ, जिसके बाद पाकिस्तान में ईरानी और अमेरिकी डेलिगेशन के बीच बातचीत हुई। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच कोई डील नहीं हो पाई।

--आईएएनएस

केके/पीएम