नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। इंडिगो ने अपनी घरेलू उड़ानों में कई सेवाओं के शुल्क संशोधित कर दिए हैं। संशोधित शुल्कों के तहत अब यात्रियों को शिशु यात्रा, अतिरिक्त सामान, बिना अभिभावक यात्रा करने वाले बच्चों, प्रायोरिटी सेवाओं और ट्रैवल सर्टिफिकेट के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी।
नई शुल्क संरचना के अनुसार, किसी वयस्क यात्री के साथ यात्रा करने वाले शिशु के लिए शुल्क 2,000 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए कर दिया गया है। यह शुल्क तीन दिन से अधिक और दो वर्ष तक की आयु के शिशुओं पर लागू होगा।
इंडिगो के नियमों के अनुसार, शिशु के लिए अलग सीट उपलब्ध नहीं होगी और उसे साथ यात्रा कर रहे वयस्क की गोद में बैठकर यात्रा करनी होगी। प्रत्येक वयस्क यात्री के साथ केवल एक शिशु को यात्रा की अनुमति है। शिशु के लिए लागू शुल्क बुकिंग के समय ही जमा करना होगा और यात्रा के दौरान बच्चे की आयु का वैध प्रमाण भी मांगा जा सकता है।
एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों पर अतिरिक्त सामान (एक्सेस बैगेज) शुल्क भी बढ़ा दिया है। निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाने वाले यात्रियों को अब 700 रुपए प्रति किलोग्राम के बजाय 800 रुपए प्रति किलोग्राम का भुगतान करना होगा।
इस बदलाव के बाद यात्रियों को निर्धारित बैगेज सीमा से अधिक हर किलोग्राम सामान पर 100 रुपए अतिरिक्त देने होंगे।
इंडिगो ने बिना अभिभावक यात्रा करने वाले बच्चों (अनअकंपनिड माइनर) के लिए दी जाने वाली विशेष सेवा का शुल्क भी 5,000 रुपए से बढ़ाकर 5,999 रुपए कर दिया है। यह सेवा उन बच्चों के लिए लागू होती है जो किसी वयस्क के साथ यात्रा नहीं कर रहे होते और यह एयरलाइन की पात्रता एवं यात्रा नियमों के अधीन रहती है।
प्रायोरिटी चेक-इन और प्रायोरिटी बोर्डिंग सेवाओं के शुल्क में भी संशोधन किया गया है। इन दोनों सेवाओं के संयुक्त शुल्क को 450 रुपए से बढ़ाकर 650 रुपए कर दिया गया है। यानी इस सुविधा का लाभ लेने वाले यात्रियों को अब 200 रुपए अधिक चुकाने होंगे।
इसके अलावा, इंडिगो ने ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी करने का शुल्क भी 200 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया है।
इन संशोधनों के बाद इंडिगो की घरेलू उड़ानों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कई वैकल्पिक और यात्रा से जुड़ी सेवाओं की लागत बढ़ जाएगी, हालांकि एयरलाइन के मूल किराए (बेस फेयर) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
--आईएएनएस
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