भारतीय रेलवे 398 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से गुजरात और एमपी में बिछाएगी 1,929 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल

भारतीय रेलवे 398 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट से गुजरात और एमपी में बिछाएगी 1,929 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने गुजरात और मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 398.36 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है। रेल मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद और रतलाम डिवीजनों में 1,929 किलोमीटर मार्ग पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी।

रेल मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना में अहमदाबाद डिवीजन में 1,456 किलोमीटर और रतलाम डिवीजन में 473 किलोमीटर रूट पर 2x48 फाइबर ऑप्टिकल केबल बिछाई जाएगी।

यह काम 2024-25 के वर्क्स प्रोग्राम के तहत 27,693 करोड़ रुपए की बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसमें पूरे रेलवे नेटवर्क पर 'कवच' सिस्टम के लिए लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (एलटीई) आधारित कम्युनिकेशन नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।

इसके अलावा, पश्चिम रेलवे के लिए 2,800 करोड़ रुपए की अलग सब-प्रोजेक्ट मंजूर की गई है, जिसके तहत यह काम किया जाएगा।

नई कम्युनिकेशन व्यवस्था से रेलवे के आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम को सपोर्ट मिलेगा, डेटा ट्रांसमिशन आसान होगा और ट्रेनों की संचालन क्षमता व विश्वसनीयता में सुधार आएगा।

'कवच' भारतीय रेलवे द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसे ट्रेनों की टक्कर रोकने के लिए तैयार किया गया है। यह सिस्टम सिग्नल मिस होने या दो ट्रेनों के आमने-सामने आने की स्थिति में खुद ही ब्रेक लगा देता है।

हाल के वर्षों में हुई ट्रेन दुर्घटनाओं के बाद सरकार ने 'कवच' सिस्टम को तेजी से लागू करने पर जोर दिया है।

इसके अलावा, सरकार ने पिछले तीन वर्षों में यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 34,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च को मंजूरी दी है, जिसमें स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन जैसे काम शामिल हैं।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 2023-24 में 9,392 करोड़ रुपए, 2024-25 में 12,884 करोड़ रुपए और 2025-26 में 12,018 करोड़ रुपए यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने संसद में बताया कि देश के 76 भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों में से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 23 स्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

--आईएएनएस

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