नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और दुनिया का भरोसा भी भारत पर लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'सीआईआई एनुअल बिजनेस समिट 2026' को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत हर वैश्विक संकट से पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरा है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती बनाए रखने के लिए सरकार, उद्योग और आम नागरिकों के बीच बेहतर सहयोग बेहद जरूरी होगा।
गोयल ने भारतीय कंपनियों से घरेलू सप्लायर्स को प्राथमिकता देने और देश के भीतर औद्योगिक सहयोग मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक माहौल में 'सामान्य व्यापार' करने की सोच बदलनी होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता से जुड़ी हालिया अपील का जिक्र करते हुए कहा, "आज हमें एक जागृति की जरूरत है।"
गोयल ने कहा, "यह सरकार बनाम उद्योग का मामला नहीं है। यह सरकार, व्यापार, उद्योग और भारत के लोगों का एक साथ मिलकर आगे बढ़ने का समय है।"
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में 'इंडिया स्पिरिट' का उल्लेख करते हुए कहा कि बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक, तकनीकी और आर्थिक दबावों के बावजूद भारत में हर चुनौती का सामना करने और खुद को मजबूत बनाने की क्षमता है।
उन्होंने कॉरपोरेट जगत को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भारतीय कंपनियों को विदेशी स्रोतों पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय घरेलू उत्पादकों और सप्लायर्स को समर्थन देना चाहिए।
जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के औद्योगिक समन्वय मॉडल का उदाहरण देते हुए गोयल ने कहा कि भारतीय उद्योगों को भी देश के भीतर मजबूत साझेदारी और सहयोग विकसित करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "भारतीय उद्योगों को एक-दूसरे का समर्थन करना सीखना होगा। कोरिया और जापान के काम करने के तरीके को देखिए।"
गोयल ने आगे कहा, "हम कब तक इतने सीमित नजरिए से सोचते रहेंगे कि हमें यह समझ ही न आए कि भारतीय उद्योगों का सामूहिक हित हमारे व्यक्तिगत भविष्य को भी मजबूत करेगा।"
उन्होंने इसे केवल सुझाव नहीं बल्कि 'अनिवार्यता' बताते हुए कहा कि उद्योगों को भारत की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी, सिर्फ सरकार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
गोयल ने कहा, "भारतीय स्टील को कोरिया और जापान जाने से रोकने के लिए सरकार की जरूरत नहीं है। उद्योग खुद सुनिश्चित करें कि वे एक-दूसरे का समर्थन करें।"
मंत्री की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब दुनिया भर के देश लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच सप्लाई चेन की मजबूती, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और रणनीतिक व्यापारिक निर्भरता पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
--आईएएनएस
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