नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 1 ट्रिलियन डॉलर (एक लाख करोड़ डॉलर) के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 863 अरब डॉलर के निर्यात की तुलना में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि के साथ हासिल करने का प्रयास है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित बोर्ड ऑफ ट्रेड बैठक को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में मर्चेंडाइज (वस्तु) निर्यात को लगभग 530 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसके लिए करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि की आवश्यकता होगी। वहीं, सेवा निर्यात को 421 अरब डॉलर से बढ़ाकर लगभग 470 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करनी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि जून तक के आंकड़ों को देखा जाए तो भारत अपने लक्ष्य की दिशा में सही रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार निर्यात के क्षेत्र में बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करना चाहती है। उन्होंने निर्यातकों और उद्योग जगत से मिलकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य से पीछे न रह जाए।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक अहमियत ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर पैदा किए हैं। ऐसे में भारतीय कंपनियों के लिए यह सही समय है कि वे केवल घरेलू बाजार पर निर्भर रहने के बजाय वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करें।
गोयल ने कहा, "मैं एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य चाहता हूं। आइए, हम सभी मिलकर इस दिशा में काम करें। आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय देश बन रहा है। दुनिया हमारे साथ कारोबार करना चाहती है। अब हमें आगे बढ़कर वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी।"
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफलता केवल प्रतिस्पर्धी कीमतों से नहीं मिलती। इसके लिए भारतीय कंपनियों को उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनानी होगी, विशेष कौशल विकसित करना होगा, मजबूत वैश्विक ब्रांड तैयार करने होंगे और ग्राहकों के पास स्वयं पहुंचना होगा, न कि उनके आने का इंतजार करना होगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को और मजबूत कर रही है। इसके तहत भारतीय कंपनियों को विदेशों में ब्रांडिंग और बाजार में मजबूत पहचान बनाने में भी सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा, "घरेलू बाजार में तो हम आसानी से अपने उत्पाद बेच लेते हैं, लेकिन निर्यात बाजार में जगह बनाने के लिए गुणवत्ता, कौशल और वैश्विक पहुंच जरूरी है। इसके लिए मेहनत करनी होगी। घर बैठकर यह संभव नहीं है। हमारा एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन विदेशों में आपकी ब्रांडिंग मजबूत करने में मदद करेगा।"
पीयूष गोयल ने भारत द्वारा किए जा रहे नए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता 1 जून से लागू हो चुका है, जबकि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई तक प्रभावी होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, इन समझौतों से भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान होगी और निर्यात को नई गति मिलेगी।
--आईएएनएस
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