नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियां जुलाई में मजबूत रही हैं और इस दौरान सर्विसेज पीएमआई 53.3 पर रहा है। यह जानकारी एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
पीएमआई डेटा के मुताबिक, जुलाई में सर्विसेज सेक्टर के मजबूत रहने की वजह निर्यात और नई भर्तियों से लगातार समर्थन मिलना है।
जब भी पीएमआई 50 से ऊपर होता है, तो यह वृद्धि को दिखाता है।
पीएमआई सर्वेक्षण में कंपनियों ने बताया कि उन्हें यूएई, यूके और अमेरिका में मौजूद ग्राहकों से नए ऑर्डर मिल रहे हैं और यह कुल नए बिजनेस की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं।
सर्वेक्षण से यह भी पता चला कि नए बिजनेस का प्रवाह जुलाई में बढ़ा, हालांकि वृद्धि की रफ्तार फरवरी 2022 के बाद से सबसे कमजोर स्तर पर आ गई। इसका कारण कमजोर मांग, कड़ी प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की कम पूछताछ था।
जून में छह महीने के निचले स्तर पर रहने के बाद भर्तियों की स्थिति में सुधार हुआ और सर्विस प्रोवाइडर्स ने अपने वर्कफोर्स को बढ़ाना जारी रखा। हालांकि रोजगार में बढ़ोतरी मामूली रही, लेकिन सर्विस सेक्टर में तेज भर्तियों से प्राइवेट सेक्टर में कुल मिलाकर रोजगार बढ़ाने में मदद मिली।
एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा, "जुलाई में भारत के सर्विस सेक्टर में बढ़ोतरी जारी रही, हालांकि इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी थी। कई महीनों के शानदार प्रदर्शन के बाद घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट, दोनों में नए बिजनेस की ग्रोथ में थोड़ी कमी आई। भर्तियों में हल्की रिकवरी दिखी, जबकि इनपुट लागत कम होने और कंपनियों द्वारा अपनी बिक्री कीमत बढ़ाने से प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हुआ।"
पीएमआई डेटा के अनुसार, ईंधन, लेबर, मटीरियल, टेक्नोलॉजी और ट्रांसपोर्टेशन पर ज्यादा खर्च के बावजूद इनपुट लागत में महंगाई छह महीने के निचले स्तर पर आ गई और लंबे समय के औसत से नीचे बनी रही।
साथ ही, कंपनियों ने अप्रैल के बाद सबसे तेजी से बिक्री कीमत बढ़ाई, जिससे मार्जिन को सहारा मिला।
इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस, दोनों तरह की गतिविधियों पर नजर रखने वाला एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स जुलाई में 54.3 पर रहा, जो प्राइवेट सेक्टर की गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी को दिखाता है।
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