नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। जिनेवा में आयोजित कोडेक्स एलीमेंटेरियस आयोग के 49वें सत्र में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता में तैयार किए गए सात कोडेक्स मानकों और दिशा-निर्देशों को आयोग ने औपचारिक रूप से अपनाया, जिससे विज्ञान आधारित अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानकों के विकास में भारत की भूमिका और मजबूत हुई है।
एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत आयोग ने काजू की गिरी के लिए नया कोडेक्स मानक विकसित करने के भारत के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजित पुन्हानी ने किया। आयोग की बैठकों में एफएसएसएआई और स्पाइसेस बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
आयोग ने भारत की अध्यक्षता में विकसित सूखे धनिया के बीज और ताजे करी पत्तों के लिए तैयार किए गए वैश्विक मानकों को मंजूरी दी। इसके अलावा भारत की सह-अध्यक्षता में विकसित पांच अन्य कोडेक्स दस्तावेजों को भी अपनाया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, सूखे धनिया के बीज का नया मानक दुनिया के सबसे अधिक कारोबार होने वाले मसालों में से एक के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को आसान बनाएगा। वहीं, ताजे करी पत्तों का मानक इस महत्वपूर्ण खाद्य सामग्री के लिए वैश्विक गुणवत्ता मानक तय करेगा।
भारत की सह-अध्यक्षता में तैयार किए गए 5 कोडेक्स दस्तावेजों में वनीला और बड़ी इलायची के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक भी शामिल हैं। इससे इन उत्पादों के वैश्विक व्यापार में गुणवत्ता संबंधी एकरूपता सुनिश्चित होगी।
इन दस्तावेजों में खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण के दौरान पानी के सुरक्षित उपयोग और पुनः उपयोग से संबंधित दिशा-निर्देशों के परिशिष्ट भी शामिल हैं।
इसके अलावा, चिकन मांस में कैंपिलोबैक्टर और साल्मोनेला बैक्टीरिया की रोकथाम से जुड़े दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी गई है, जिनका उद्देश्य पोल्ट्री उत्पादों से होने वाली खाद्य जनित बीमारियों को कम करना है।
साथ ही, प्री-पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की लेबलिंग से जुड़े नियमों में संयुक्त पैकेजिंग और मल्टीपैक फॉर्मेट के लिए नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, जिससे खाद्य लेबलिंग अधिक स्पष्ट और एकरूप होगी।
मंत्रालय ने बताया कि आयोग ने प्रसंस्कृत फल एवं सब्जी संबंधी कोडेक्स समिति के तहत काजू की गिरी के लिए नया कोडेक्स मानक तैयार करने के भारत के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
सरकार का मानना है कि यह नया मानक निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देगा, व्यापार संबंधी तकनीकी बाधाओं को कम करेगा और वैश्विक काजू बाजार में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के साथ-साथ नए बाजारों तक पहुंच आसान बनाएगा।
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