यूएन में सिबी जॉर्ज बोले, परमाणु हथियार मुक्त विश्व के लिए भारत प्रतिबद्ध

यूएन में सिबी जॉर्ज बोले, परमाणु हथियार मुक्त विश्व के लिए भारत प्रतिबद्ध

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने मंगलवार को परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया और परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित उच्चस्तरीय पूर्ण सत्र में भारत का वक्तव्य पेश दिया।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस को चिह्नित करने के लिए आयोजित उच्चस्तरीय पूर्ण सत्र में भारत का वक्तव्य प्रस्तुत किया। भारत सार्वभौमिक, भेदभावरहित और सत्यापन योग्य परमाणु निरस्त्रीकरण के माध्यम से परमाणु हथियारों से मुक्त विश्व और इनके पूर्ण उन्मूलन के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।"

इससे पहले सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के दौरान 'डरबन घोषणा और कार्ययोजना (डीडीपीए)' को अपनाए जाने की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सिबी जॉर्ज ने नस्लवाद, नस्लीय भेदभाव, विदेशियों के प्रति घृणा (जेनोफोबिया) और इससे जुड़ी असहिष्णुता के खिलाफ भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।

विदेश मंत्रालय ने कहा, "सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 81वें सत्र के दौरान डीडीपीए की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में भारत का वक्तव्य दिया। उन्होंने नस्लवाद, नस्लीय भेदभाव, विदेशियों के प्रति घृणा और इससे संबंधित असहिष्णुता से लड़ने तथा सभी के लिए समानता और गरिमा को बढ़ावा देने के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डीडीपीए के पूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। पिछले सप्ताह सिबी जॉर्ज ने यूएनजीए के एक उच्चस्तरीय साइड इवेंट में सांस्कृतिक धरोहरों और संपत्तियों की वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संपत्तियों और विरासत को उनके मूल देशों और समुदायों को लौटाने तथा उनकी बहाली सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक सहयोग को सशक्त बनाया जाना चाहिए। यह कार्यक्रम घाना, जर्मनी और फ्रांस की सह-मेजबानी में आयोजित किया गया था।

--आईएएनएस

केके/वीसी