राष्ट्रपति लूला के भारत दौरे से पहले ब्राजील के राजदूत बोले, 'दोनों देश रणनीतिक साझेदारी नए स्तर पर ले जा रहे'

राष्ट्रपति लूला के भारत दौरे से पहले ब्राजील के राजदूत बोले- दोनों देश रणनीतिक साझेदारी नए स्तर पर ले जा रहे

नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा फरवरी में भारत दौरे पर आने वाले हैं। इसे लेकर भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स हाजिन्स्की दा नोब्रेगा ने कहा है कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के भारत दौरे से तेजी से बदलते वैश्विक ऑर्डर के बीच दोनों देशों के रिश्ते काफी मजबूत होने की उम्मीद है।

ब्राजील के राजदूत ने व्यापार, तकनीक और भू-राजनीति पर दोनों देशों के बीच बढ़ते तालमेल पर जोर दिया।

आईएएनएस के साथ एक खास इंटरव्यू में ब्राजील के राजदूत नोब्रेगा ने कहा कि राष्ट्रपति लूला का दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्राजील दौरे के एक साल से भी कम समय बाद हो रहा है। यह भारत-ब्राजील संबंधों की गहराई और रफ्तार को दिखाता है।

पिछले महीने ब्राजील के राष्ट्रपति ने घोषणा की थी कि वह फरवरी में भारत आएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एकमत हैं।

आईएएनएस: आपको क्या लगता है कि बदलते वर्ल्ड ऑर्डर के हिसाब से ब्राजील के राष्ट्रपति का आने वाला भारत दौरा कितना अहम है?

नोब्रेगा : राष्ट्रपति लूला का भारत दौरा, कई उच्च स्तरीय दौरों के साथ, पिछले जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी के ब्राजील दौरे के एक साल से भी कम समय बाद हो रहा है। यह इस बारे में बहुत कुछ बताता है कि हमारे देश कितनी बारीकी से तालमेल बिठा रहे हैं और हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को कैसे दूसरे स्तर पर ले जा रहे हैं।

आईएएनएस: इस दौरे की खास बातें क्या होंगी और दोनों देशों के बीच किस तरह के नए समझौतों की उम्मीद है?

नोब्रेगा: मुझे लगता है कि दोनों नेता व्यापार, निवेश और तकनीकी साझेदारी के क्षेत्र में ठोस नतीजे पाने पर केंद्रित रहेंगे। कई क्षेत्र खास हैं, जिनमें ऊर्जा, रक्षा, स्वास्थ, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़ी साझेदारी शामिल हैं। इनका मकसद ब्राजील के बड़े व्यवसायों को भारत लाना और भारत के बड़े व्यवसायों को ब्राजील लाना है।

आईएएनएस: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और ग्लोबल डिसीजन-मेकर के तौर पर उनकी भूमिका पर आपकी क्या राय है?

नोब्रेगा: प्रधानमंत्री मोदी का वैश्विक कद साफ है। मैं पिछले ढाई साल से यहां सेवा कर रहा हूं और मैंने वैश्विक नेताओं के भारत के कई उच्च स्तरीय दौरे देखे हैं जो सभी कई मुद्दों पर भारत के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे थे।

आईएएनएस: आपको क्या लगता है कि मुश्किल भूराजनीतिक समय में भारत और ब्राजील एक साथ कैसे आगे बढ़ रहे हैं?

नोब्रेगा: मेरा मानना ​​है कि दोनों देश इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि वे आज के मुश्किल भूराजनीतिक माहौल में इन अनजान रास्तों पर चलने के लिए एक साथ क्या कर सकते हैं। हमारी प्राथमिकता सहयोग और मिलकर काम करना है। ब्राजील और भारत मिलकर आर्थिक और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका है अपने भरोसेमंद रिश्ते पर भरोसा करना। हमने 70 से ज्यादा सालों से डिप्लोमैटिक संबंध बनाए रखे हैं, और आज के वैश्विक माहौल में भरोसे की यह नींव खास तौर पर कीमती है।

आईएएनएस: भारत ने यूरोपियन यूनियन के साथ एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया है और कनाडा और ब्राजील के साथ भी ट्रेड पैक्ट्स में तेजी लाई है। आप इस डेवलपमेंट को कैसे देखते हैं?

नोब्रेगा: ब्राजील अभी भारत के साथ अपने ट्रेड प्रेफरेंस एग्रीमेंट को बढ़ाने पर काम कर रहा है, जो 20 साल से भी कम समय पहले हुआ था। हम अब शुरुआती मीटिंग करने और व्यापार एग्रीमेंट को बड़ा करने के लिए बातचीत शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। आगे बढ़ने के लिए दोनों तरफ से बहुत सकारात्मक नजरिया है। ब्राजील की तरफ से यह जुड़ाव सिर्फ ब्राजील तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें एमईआरसीओएसयूआर (सदर्न कॉमन मार्केट) भी शामिल है।

आईएएनएस: आप भारतीय अर्थव्यवस्था का अंदाजा कैसे लगाते हैं?

नोब्रेगा: हमने हाल ही में लेटेस्ट इकोनॉमिक सर्वे की समीक्षा की है, जो कुछ दिन पहले ही पब्लिश हुआ है। इससे पता चलता है कि भारत आने वाले सालों में सालाना 6 से 7 फीसदी की दर से बढ़ना जारी रखेगा। भारत सरकार भी देश को टेक्नोलॉजिकल कॉम्पिटिटिवनेस के ऊंचे स्तर पर ले जाने पर फोकस कर रही है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम