नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। आइसलैंड और भारत के बीच संबंधों की सराहना करते हुए, भारत में आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुल्डसन ने कहा कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) देशों के बीच हुए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के बाद दोनों देशों के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं।
आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में होस्कुल्डसन ने कहा कि आइसलैंड भारत को एक सबसे अच्छा दोस्त मानता है और दोनों देश बहुपक्षीय मंच पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। मेरे देश की आबादी 4 लाख से भी कम है। इसलिए, हम बहुत कम हैं। लेकिन हम हमेशा से एक खुला समाज रहे हैं, और हमें घूमना पसंद है। हम लोगों के बीच संपर्क के जरिए दोस्ती चाहते हैं, और यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां वास्तव में मेरा दूतावास काफी कुछ और कर सकता है।
उन्होंने कहा कि मैं जहां भी जाता हूं, जहां भी आइसलैंड के लोगों की भारत यात्रा के बारे में सुनता हूं, हमारा बहुत अच्छे से स्वागत होता है; हमारी बहुत मेहमाननवाजी की जाती है। इसलिए, हम इससे बहुत खुश हैं। भारत आइसलैंड का दोस्त है और जब हम बहुपक्षीय मंच पर एक साथ बैठते हैं, तो हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर बैठते हैं। हम भारत को लंबे समय से जानते हैं।
राजदूत ने कहा कि आइसलैंड आर्कटिक में अनुसंधान पर भारत के साथ काम करना चाहेगा। उन्होंने आर्कटिक के स्वालबार्ड में भारत के सक्रिय अनुसंधान का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, "हम आर्कटिक में भारत की गतिविधियों का स्वागत करते हैं, और एक संस्थापक आर्कटिक राष्ट्र के रूप में हमारे साथ देश के जुड़ाव का भी। हम चाहेंगे कि दोनों देश आर्कटिक में अनुसंधान पर एक साथ काम करें, जिससे न केवल आर्कटिक क्षेत्र को बल्कि भारत के हिमालयी क्षेत्र को भी फायदा हो सकता है, क्योंकि इस मायने में दोनों क्षेत्रों के बीच समानताएं हैं। यह सब महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वास्तव में वह जगह है जहां हम दुनिया में सबसे बड़े जलवायु परिवर्तन को महसूस करेंगे, और पहले से ही महसूस कर रहे हैं।"
राजदूत होस्कुल्डसन ने कहा कि आइसलैंड ने यूरोपीय संघ में शामिल होने को लेकर बातचीत फिर से शुरू नहीं करने का फैसला किया है। आइसलैंड यूरोपीय प्रणाली में बहुत अधिक एकीकृत है क्योंकि यह यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र समझौते, यूरोपीय संघ के आंतरिक बाजार और यूरोपीय श्रम बाजार का हिस्सा है। आइसलैंड वित्त के मुक्त प्रवाह का भी हिस्सा है, जिसका अर्थ है कि आइसलैंड यूरोप में निवेश करने के लिए स्वतंत्र है और यूरोप आइसलैंड में निवेश करने के लिए स्वतंत्र है।
हिंद-प्रशांत के साथ आइसलैंड के जुड़ाव के लिए भारत कितना महत्वपूर्ण है, इस पर उन्होंने जवाब दिया, "भारत बहुत महत्वपूर्ण है। आइसलैंड के ऐतिहासिक रूप से जापान के साथ बहुत अच्छे व्यापारिक संबंध रहे हैं। जापान लंबे समय तक हमारा दूसरा सबसे बड़ा समुद्री भोजन बाजार था। चीन भी उस लिहाज से महत्वपूर्ण रहा है। लेकिन हम देखते हैं कि भारतीय बाजार और भारतीय अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में वास्तव में एशिया में हमारे जुड़ाव और गतिविधियों के प्रमुख घटकों में से एक बनने जा रही है। भारत उस लिहाज से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा का आकलन वे कैसे करते हैं, क्योंकि वे आने वाले दिनों में सार्वजनिक सेवा में 25 साल पूरे करने वाले हैं, इस पर उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि मुझे इसका आकलन करने की जरूरत है, लेकिन जो मैंने देखा है, लंबे समय से भारत के साथ जुड़े होने के कारण, मैंने भारत के आकार के किसी देश को अपने विकास और सकारात्मक आर्थिक वृद्धि के मामले में इतनी तेजी से आगे बढ़ते हुए कभी नहीं देखा। हम अर्थव्यवस्था के मामले में भारत के महत्व को बढ़ते हुए देख रहे हैं। हम इसे भू-राजनीति के मामले में भी बढ़ते हुए देख रहे हैं, आज दुनिया जैसी है उसे देखते हुए। तो, इसका सकारात्मक तरीके से आकलन करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।"
होस्कुल्डसन ने डेनमार्क और अमेरिका के बीच हुए समझौते का भी स्वागत किया, जो वाशिंगटन को आर्कटिक को समर्थन देने के लिए ग्रीनलैंड में अतिरिक्त सैन्य अड्डे स्थापित करने की अनुमति देगा। उन्होंने ग्रीनलैंड के लोगों के लिए आइसलैंड के समर्थन की पुष्टि की।
--आईएएनएस
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