नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक ने कहा है कि पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे में उठाए गए मुद्दों की स्वतंत्र कानूनी समीक्षा में उनके दावों की पुष्टि नहीं हुई। बैंक ने कहा कि रिकॉर्ड की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
बैंक ने अपनी वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए दोहराया कि वह कॉरपोरेट गवर्नेंस के उच्चतम मानकों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
एचडीएफसी बैंक के अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन केकी मिस्त्री ने शेयरधारकों से कहा कि बैंक मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस सिद्धांतों और मूल्यों पर आधारित संस्था है और भविष्य में भी पारदर्शिता, जवाबदेही तथा प्रभावी निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा।
पूर्व चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतानु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद बैंक की कॉरपोरेट गवर्नेंस व्यवस्था को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगी थीं। इसके बाद केकी मिस्त्री को अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया।
बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) और सीईओ शशिधर जगदीशन ने बताया कि चक्रवर्ती के इस्तीफे में उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष जांच के लिए बोर्ड ने देश और विदेश की प्रतिष्ठित कानूनी फर्मों को नियुक्त किया।
उन्होंने कहा कि चूंकि एचडीएफसी बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (एडीआर) न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एनवाईएसई) में सूचीबद्ध हैं, इसलिए मामले की गहन और स्वतंत्र जांच जरूरी थी।
बोर्ड ने केवल स्वतंत्र निदेशकों की एक विशेष समिति का गठन किया, जिसने पूरी कानूनी समीक्षा की निगरानी की। इस समिति ने यह भी सुनिश्चित किया कि जांच के दौरान बैंक और कानूनी फर्मों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।
कानूनी समीक्षा के दौरान चक्रवर्ती के इस्तीफे से पहले के दो वर्षों के बोर्ड मीटिंग के मिनट्स, बैठक से जुड़े दस्तावेज, आंतरिक संवाद और सभी स्वतंत्र निदेशकों के साथ-साथ वरिष्ठ प्रबंधन के कई अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की गई।
बैंक के अनुसार, 26 जून को बाहरी कानूनी फर्मों ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि चक्रवर्ती के इस्तीफे में किए गए दावे और उनसे जुड़े संकेत उपलब्ध दस्तावेजों तथा गवाहों के बयानों से साबित नहीं होते।
जांच पूरी होने के बाद बैंक के बोर्ड ने राजीव कुमार को अंशकालिक चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने का फैसला किया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और बैंक के शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी।
एचडीएफसी बैंक ने कहा कि वह आगे भी पारदर्शिता, जवाबदेही और मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस के सिद्धांतों पर काम करता रहेगा।
--आईएएनएस
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