गुजरात में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का विस्तार, 28 जिलों में 101 नए केंद्र शुरू

गुजरात में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का विस्तार, 28 जिलों में 101 नए केंद्र शुरू

अहमदाबाद, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित सब्सिडी वाली भोजन योजना का विस्तार करते हुए राज्य के 28 जिलों में 101 नए श्रमिक अन्नपूर्णा केंद्र शुरू किए हैं। इसके साथ ही राज्य के सभी 34 जिलों में इन केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 394 हो गई है। सरकार ने बताया कि अब इस योजना के तहत प्रतिदिन करीब 45,000 श्रमिकों को भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को राज्य के 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत नए केंद्रों का ई-उद्घाटन किया। उन्होंने अहमदाबाद में चाणक्यपुरी पुल के पास स्थित एक अन्नपूर्णा केंद्र में श्रमिकों को भोजन परोसा और उनसे बातचीत की।

इस विस्तार से प्रतिदिन बांटे जाने वाले भोजन की संख्या में लगभग 10,000 की वृद्धि होने की उम्मीद है। पहले यहां औसतन 35,000 से अधिक लोगों को भोजन दिया जाता था। इस योजना के तहत निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को मात्र 5 रुपए प्रति व्यक्ति की मामूली दर पर भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

गुजरात भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (जो श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग के अंतर्गत आता है) द्वारा 2017 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य उन श्रमिकों तक पौष्टिक भोजन पहुंचाना है जो राज्य के निर्माण और बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) क्षेत्रों में योगदान देते हैं।

इस विस्तार से पहले 20 जिलों में 293 केंद्र काम कर रहे थे। राज्य सरकार के अनुसार, योजना की शुरुआत से अब तक 5 करोड़ से अधिक बार भोजन परोसा जा चुका है।

भोजन में आमतौर पर रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ शामिल होते हैं। सप्ताह में एक बार 'सुखड़ी' और 'शीरा' जैसी मिठाइयां भी दी जाती हैं।

इस सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए निर्माण स्थलों पर ही भोजन पहुंचाने (डोरस्टेप डिलीवरी) की सुविधा भी दी गई है। यह सुविधा उन जगहों पर उपलब्ध है जहां 50 से अधिक श्रमिक इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं।

इस व्यवस्था के जरिए अब तक निर्माण स्थलों पर लगभग 27 लाख बार भोजन पहुंचाया जा चुका है। राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की मौजूदगी में अलग-अलग जिलों में इन नए केंद्रों का उद्घाटन किया गया।

यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा, समर्पण और शासन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कई जन-कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने कहा कि यह पहल 'सेवा ही साधना' की भावना के साथ शुरू की गई है।

'गुजरात भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड' निर्माण श्रमिकों के लिए 23 योजनाएं चलाती हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवा, आवास, शिक्षा, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

'श्रमिक अन्नपूर्णा योजना' इन्हीं कल्याणकारी योजनाओं में से एक है। इस कार्यक्रम में अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव लोचन सेहरा और शहर भाजपा अध्यक्ष प्रेरक शाह के साथ-साथ अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए।

--आईएनएस

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