नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी हालिया साइबर सुरक्षा घटना के बाद उसे डेटा के किसी गंभीर नुकसान का कोई सबूत नहीं मिला है।
हाल ही में जारी 'डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट' के लॉन्च के मौके पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इस घटना से निपटने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है।
उन्होंने कहा, "टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। सरकार के अब तक के आकलन के आधार पर, कोई भी अहम चीज नहीं खोई है।"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब साइबर सुरक्षा घटना का एप्पल की सप्लाई चेन पर संभावित असर को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं, क्योंकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में आईफोन बनाने वाली कंपनी के मुख्य मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स में से एक है।
हालांकि, कृष्णन ने कहा कि मामले की अभी भी जांच चल रही है, जिससे पता चलता है कि अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
इससे पहले, घटना पर सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में, आईटी सचिव ने कहा था कि इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (सीईआरटी-आईएन) डेटा लीक की रिपोर्ट की जांच कर रही है और इसके असर का आकलन करने के लिए कंपनी के साथ मिलकर काम कर रही है।
साइबर सुरक्षा पर बात करते हुए, कृष्णन ने कहा कि संगठनों को साइबर सुरक्षा को केवल तकनीक से जुड़ी समस्या के बजाय पूरे संगठन के लिए जोखिम के तौर पर देखना चाहिए और उभरते डिजिटल खतरों के खिलाफ लगातार सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार सीईआरटी-आईएन की सलाह, साइबर हाइजीन पहलों और घटना से निपटने के तरीकों के जरिए साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम कर रही है। इसकी वजह एआई-आधारित साइबर हमले और सप्लाई चेन की कमजोरियां ज्यादा जटिल होती जा रही हैं।
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