नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स नियमों में संशोधन करते हुए जनरल एंटी-अवॉइडेंस रूल्स (जीएएआर) के लागू होने को लेकर स्पष्टता दी है। यह कदम टैक्स से बचने से जुड़े नियमों में अस्पष्टता को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सीबीडीटी ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि 1 अप्रैल 2017 से पहले किए गए निवेश के ट्रांसफर से होने वाली आय पर जीएएआर लागू नहीं होगा। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
यह स्पष्टीकरण निवेशकों को, खासकर पुराने निवेश (लेगेसी इन्वेस्टमेंट) के मामलों में, अधिक स्पष्टता और भरोसा देगा, क्योंकि इससे जीएएआर के दायरे को साफ तौर पर परिभाषित किया गया है।
यह फैसला हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मॉरीशस स्थित टाइगर ग्लोबल इंटरनेशनल के खिलाफ दिए गए फैसले के बाद आया है, जिसमें कोर्ट ने 2018 में फ्लिपकार्ट से एग्जिट पर हुए मुनाफे पर आयकर विभाग के टैक्स लगाने के अधिकार को सही ठहराया था।
इस संशोधन को सरकार के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें टैक्स चोरी रोकने के उपायों और एक स्थिर व पूर्वानुमान योग्य टैक्स सिस्टम के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा, नए वित्त वर्ष से नया आयकर कानून लागू हो गया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ली है, और इसमें अनुपालन, शब्दावली और टैक्स प्रणाली में कई बदलाव किए गए हैं।
नए ढांचे के तहत एक बड़ा बदलाव 'फाइनेंशियल ईयर' (एफवाई) और 'असेसमेंट ईयर' (एवाई) की जगह एक ही 'टैक्स ईयर' को लागू करना है, जिससे रिटर्न फाइल करना आसान होगा और टैक्सपेयर्स के लिए स्पष्टता बढ़ेगी।
इसके साथ ही, इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की समय-सीमा में भी बदलाव किया गया है। सैलरी पाने वाले लोगों के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन पहले की तरह ही रहेगी, जबकि सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल्स जैसे नॉन-ऑडिट मामलों में अब 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल किया जा सकेगा।
इस बीच, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ) में ट्रेडिंग पर लगने वाले शुल्क बढ़ा दिए गए हैं, क्योंकि निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए यूनियन बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) को बढ़ाया गया है।
एक और बड़े बदलाव के तहत, अब कंपनियों के शेयर बायबैक पर टैक्स को 'डिविडेंड' की बजाय 'कैपिटल गेन' के रूप में लिया जाएगा, जिससे प्रमोटर्स और रिटेल निवेशकों, दोनों पर असर पड़ेगा।
--आईएएनएस
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