नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को खाद्य परिसर के निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
एफएसएसएआई द्वारा जारी बयान के अनुसार, पैराडाइज डिस्टिलरीज को जारी लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।
खाद्य कारोबार संचालक (एफबीओ) को निर्देश दिया गया है कि वह निलंबन अवधि के दौरान सभी खाद्य व्यवसाय गतिविधियां बंद रखे और निर्धारित समयसीमा के भीतर पाई गई कमियों को दूर करे।
एफएसएसएआई ने कहा कि निरीक्षण के दौरान शराब निर्माण में एक्सपायर्ड फ्लेवर और रंगों का इस्तेमाल पाया गया, जिससे अंतिम उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
बयान में कहा गया कि परिसर में स्वच्छता और सफाई की स्थिति खराब पाई गई। निरीक्षण के दौरान अंतिम मिश्रण टैंक सही तरीके से बंद नहीं था, बोतल साफ करने वाली मशीन पर ग्रीस और धूल जमी हुई थी, टूटे हुए कांच के टुकड़े मिले और कांच प्रबंधन को लेकर कोई उचित नीति मौजूद नहीं थी।
खाद्य नियामक ने आगे यह भी कहा कि कंपनी ने केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस के अनुसार उत्पाद लेबल में आवश्यक बदलाव नहीं किए थे और इस संबंध में संतोषजनक जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया।
एफएसएसएआई के अनुसार, परिसर में कई संरचनात्मक और परिचालन संबंधी कमियां भी पाई गईं, जिनमें दरवाजों की खराब फिटिंग, अपर्याप्त रोशनी और कार्यस्थल, दीवारों पर उखड़ता पेंट और प्लास्टर, अस्वच्छ पैकिंग व्यवस्था, अनुचित भंडारण, अप्रभावी कीट नियंत्रण और खाद्य सामग्री संभालने वाले कर्मचारियों की खराब व्यक्तिगत स्वच्छता शामिल हैं।
इसके अलावा, चिकित्सकीय जांच और टीकाकरण रिकॉर्ड, सुरक्षात्मक कपड़ों के उपयोग, व्यक्तिगत साफ-सफाई, सफाई कार्यक्रम, उपकरणों के रखरखाव संबंधी रिकॉर्ड, कीट नियंत्रण रिकॉर्ड, ग्राहक शिकायत निवारण व्यवस्था और समय-समय पर खाद्य सुरक्षा प्रणाली ऑडिट से जुड़े मामलों में भी नियमों का पालन नहीं पाया गया।
इससे पहले शुक्रवार को ही एफएसएसएआई ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ उसके शिशु पोषण उत्पादों एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1 और लैक्टोजेन प्रो 1 से जुड़े कथित नियामकीय उल्लंघनों को लेकर तीन अलग-अलग न्यायनिर्णयन मामले शुरू किए थे।
खाद्य नियामक द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा नोटिस के अनुसार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध उत्पादों और उनसे जुड़े प्रचार सामग्री की जांच के दौरान कुछ दावों पर आपत्ति दर्ज की गई थी।
वहीं, नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी के सभी उत्पाद लागू नियमों के अनुरूप हैं।
प्रवक्ता ने कहा, "एनएएन एक्सेला प्रो और लैक्टोजेन प्रो उत्पादों तथा इनके लेबल को एफएसएसएआई की विशेषज्ञ समिति से मंजूरी मिली हुई है। नोटिस के जवाब में हमने अधिकारियों को विस्तृत स्पष्टीकरण दोबारा सौंप दिया है। लेबल पर दी गई जानकारी तथ्यात्मक है और वैज्ञानिक साहित्य द्वारा समर्थित है।"
--आईएएनएस
डीबीपी