काठमांडू, 2 नवंबर (आईएएनएस)। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह इस महीने के आखिर में नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं। इससे पहले भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री का नेपाल दौरा बालेंद्र शाह की तैयारी के लिहाज से अहम होगा।
नेपाल और भारत ने सोमवार को एक साथ घोषणा की कि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 और 5 नवंबर को काठमांडू का दौरा करेंगे।
नेपाल के विदेश मंत्रालय और भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी अलग-अलग बयानों में कहा गया कि दो दिवसीय यात्रा के दौरान विक्रम मिस्री नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों पक्ष नेपाल-भारत संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत किया जा सके।"
मंत्रालय के अनुसार, विक्रम मिस्री नेपाल के वरिष्ठ नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों से भी शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।
मंत्रालय ने कहा, "भारत और नेपाल के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जिनमें सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विदेश सचिव की यह यात्रा दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाएगी और व्यापक द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने में मदद करेगी।"
सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शाह की प्रस्तावित नई दिल्ली यात्रा के संभावित एजेंडे पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
नेपाली अधिकारियों का कहना है कि नेपाल चाहता है कि प्रधानमंत्री शाह की भारत यात्रा ठोस परिणाम लेकर आए और उन मुद्दों पर प्रगति हो, जिनमें उसे भारत के सहयोग की जरूरत है। नेपाल अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत से एक बड़े सहायता पैकेज की मांग कर सकता है।
इसके अलावा नेपाल सीमा विवाद के समाधान, व्यापार संधि में संशोधन और भारत के रास्ते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अतिरिक्त हवाई प्रवेश बिंदुओं (एयर एंट्री प्वाइंट्स) जैसी मांगों पर भी प्रगति चाहता है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के सहयोग से जुड़े कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जा सकता है।
बताया गया है कि नई दिल्ली ने पहले मई के दूसरे सप्ताह में विक्रम मिस्री को काठमांडू भेजने की योजना बनाई थी, ताकि प्रधानमंत्री शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के साथ बातचीत की जा सके।
हालांकि प्रोटोकॉल से जुड़े कुछ कारणों का हवाला देते हुए वह यात्रा बाद में स्थगित कर दी गई थी। अब मिस्री की यह यात्रा भारत-नेपाल संबंधों में अगले चरण की बातचीत और प्रधानमंत्री शाह की संभावित भारत यात्रा के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करने वाली मानी जा रही है।
--आईएएनएस
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