लंदन/नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को भारतीय उद्योग जगत से कहा कि वह केवल मामूली निर्यात वृद्धि का जश्न मनाने की मानसिकता से बाहर निकले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भारत को वैश्विक व्यापार में बड़ी ताकत बनना है, तो सिर्फ छोटी-छोटी बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं होगी।
लंदन में आयोजित एक बिजनेस प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय निर्यातकों को सालाना 5 से 10 प्रतिशत निर्यात वृद्धि पर संतुष्ट नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि इतनी वृद्धि तो वैश्विक व्यापार की सामान्य रफ्तार के बराबर है और यह भारत की वास्तविक क्षमता को नहीं दर्शाती।
उन्होंने कहा, "अक्सर हम अपने आरामदायक माहौल में फंस जाते हैं और 5, 7 या 10 प्रतिशत की वृद्धि को बड़ी सफलता मानने लगते हैं।" उन्होंने याद दिलाया कि दुनिया का कुल व्यापार हर साल लगभग 4 से 5 प्रतिशत की दर से बढ़ता है।
पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा कि यदि भारत को वैश्विक व्यापार में अग्रणी देश बनना है, तो उसे केवल मामूली बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और नए व्यापारिक अवसरों का पूरा लाभ उठाकर बड़े स्तर पर निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य रखना होगा।
मंत्री ने कहा कि भारत ने अभी तक यूनाइटेड किंगडम (यूके) में अपने निर्यात की संभावनाओं का केवल एक छोटा हिस्सा ही हासिल किया है। उन्होंने भारतीय कंपनियों से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने, मशीनीकरण अपनाने, ब्रांडिंग मजबूत करने और बेहतर पैकेजिंग पर ध्यान देने की अपील की, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें।
पीयूष गोयल ने व्यापक मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते व्यापारिक समझौते भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोल रहे हैं और कंपनियों को यूके जैसे बड़े बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बड़े लक्ष्य तय करने चाहिए।
उन्होंने बताया कि यूके ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, ब्रिटेन का कुल वस्तु एवं सेवा व्यापार लगभग 900 अरब पाउंड का है, जबकि भारत और यूके के बीच द्विपक्षीय व्यापार फिलहाल लगभग 45 से 60 अरब पाउंड के बीच है। इससे स्पष्ट है कि लगातार वृद्धि के बावजूद ब्रिटेन के कुल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है।
पीयूष गोयल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होने वाला है। माना जा रहा है कि इस समझौते से दोनों देशों के कारोबारियों को बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।
--आईएएनएस
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