नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को लोगों से अपील की है कि जब तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-1) लागू है, तब तक लोग प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क पर न निकालें और सरकार के प्रयासों में सहयोग करें।
दिल्ली सरकार के मंत्री सिरसा ने आईएएनएस से कहा कि स्थिति अच्छी नहीं है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) अभी करीब 250 के आसपास है और ग्रैप-1 की पाबंदियां लागू हैं। इन पाबंदियों के बावजूद अभी तक कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। सबसे बड़ी चुनौती बिगड़ता मौसम है। आज भी कोहरा दिखाई दिया और यह धुंध में बदल सकता है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "मैं सभी दिल्ली वासियों से प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में साथ आने की अपील करना चाहता हूं। कृपया अपने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों पर न निकालें। खासकर दोपहिया वाहन बिना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंप पर जा रहे हैं और वहां बहस हो रही है। दोपहिया वाहनों की संख्या ज्यादा होने से प्रदूषण ज्यादा होता है। मैं उनके मालिकों से अपील करता हूं कि ग्रैप पाबंदियों के दौरान प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से दूर रखें। नहीं तो प्रदूषण और बढ़ेगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होंगी।"
इससे पहले रेखा गुप्ता सरकार ने 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति का प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। 1 नवंबर से गैर-दिल्ली पंजीकृत वाहन जो बीएस-VI उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें भी छूट के अधीन प्रवेश प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
दिल्ली सरकार के मंत्री सिरसा ने कहा कि उन्होंने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कमिश्नर से बात की है ताकि ग्रैप-1 पाबंदियों के बीच भी राजधानी में चल रहे भारी वाहनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। ऐसे किसी भी अवांछित वाहन को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
इस बीच शुक्रवार को भी दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण चिंता का विषय बना रहा। दशहरा के बाद और सर्दी से पहले तापमान में धीरे-धीरे गिरावट के साथ एक्यूआई 'खराब' श्रेणी में बना रहा।
--आईएएनएस
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