केंद्र ने देश को समर्पित की सीईएल की 200 मेगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण लाइन

केंद्र ने देश को समर्पित की सीईएल की 200 मेगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण लाइन

नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की 200 मेगावाट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइन देश को समर्पित कर दी। भारत इस समय सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और समुद्र-आधारित ऊर्जा प्रणालियों सहित कई गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षेत्रों में तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहा है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा में रिन्यूएबल और स्वच्छ ऊर्जा की बड़ी भूमिका रहने वाली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2070 तक भारत को नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने का राष्ट्रीय लक्ष्य दिया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि हर रिन्यूएबल एनर्जी स्रोत की अपनी उपयोगिता और महत्व है। भारत स्वच्छ ऊर्जा विस्तार और सतत विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।

डॉ. सिंह ने 200 मेगावाट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइन के शुरू होने को भारत के स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा देश में स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है।

सीईएल के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का पहला सोलर सेल 1977 में सीईएल ने बनाया था। इसके अलावा देश का पहला सोलर प्लांट भी 1979 में इसी संगठन ने स्थापित किया था।

उन्होंने कहा कि सीईएल का सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। एक समय यह संस्था विनिवेश की कगार पर थी, लेकिन अब यह मुनाफा कमाने वाली मिनी रत्न कंपनी बन चुकी है।

मंत्री ने कहा कि यह बदलाव मजबूत नेतृत्व, सरकारी नीतियों के समर्थन, बेहतर संचालन और संगठन से जुड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए 24 अप्रैल 2025 को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया गया था। एक महीने के भीतर सफल बोलीदाता का चयन कर लिया गया और एक साल से भी कम समय में यह निर्माण सुविधा चालू हो गई।

सीईएल अब भविष्य से जुड़े कई नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है, जिनमें वर्टिकल एक्सिस विंड टर्बाइन, हाइब्रिड रिन्यूएबल सिस्टम, डेटा सेंटर, एडवांस डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और छोटे हथियार प्रणालियां शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि यह भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है।

--आईएएनएस

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