नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में छोटी अवधि में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह 68-70 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में रह सकती है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की वेल्थ मैनेजमेंट इकाई एमके वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बाजार के बुनियादी कारकों से पता चलता है कि वैश्विक विकास धीमा है, जिससे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में उपभोक्ता सतर्क बने हुए हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की तेजी धीमी और सीमित रहने की संभावना है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ओपेक प्लस द्वारा उत्पादन पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद, ब्रेंट क्रूड की कीमत एक वर्ष से अधिक समय से 60-65 डॉलर के बीच ही बनी हुई है। मांग में वृद्धि और आपूर्ति में हो रही वृद्धि के बीच लगातार असंतुलन के कारण कीमतों में कोई खास उछाल नहीं आया है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मांग के पूर्वानुमान उत्पादन में होने वाली वृद्धि से पीछे हैं और लंबे समय तक कम कीमतों के कारण ऊर्जा क्षेत्र में पूंजीगत व्यय में कमी आई है। प्रमुख तेल और गैस कंपनियां तरलता और बैलेंस शीट की स्थिरता बनाए रखने के लिए निवेश को स्थगित कर रही हैं।
हाल ही में वेनेजुएला और ईरान से उत्पादन सामान्य हो गया है, जिसका एक बड़ा हिस्सा एशियाई बाजारों, विशेष रूप से चीन की ओर जा रहा है।
हालांकि, नए राजनीतिक घटनाक्रमों और बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों ने इन आपूर्तियों की निरंतरता को लेकर अनिश्चितता फिर से पैदा कर दी है।
एमके वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड डॉ. जोसेफ थॉमस ने कहा, “भू-राजनीतिक घटनाक्रम अल्पावधि में तेल की कीमतों को समर्थन दे सकते हैं, लेकिन मूलभूत कारक संकेत देते हैं कि यह उछाल सीमित ही रहेगा।”
उन्होंने सुझाव दिया कि ऊर्जा कंपनियों और बाजार प्रतिभागियों को इस चरण में पूंजी अनुशासन और परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित करके आगे बढ़ना होगा।
रिपोर्ट में अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के पूर्वानुमानों का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि वैश्विक तेल भंडार 2026 तक बढ़ते रहने की उम्मीद है, जिससे आने वाले महीनों में कीमतों पर दबाव पड़ेगा। एजेंसी ने 2026 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत लगभग 55 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया है, जो निरंतर अधिक आपूर्ति को दिखाता है।
--आईएएनएस
एबीएस/