असम के किसानों को राहत, गुवाहाटी हवाई अड्डे को अगरवुड चिप्स और तेल के निर्यात केंद्र के रूप में मिली मंजूरी

असम के किसानों को राहत, गुवाहाटी हवाई अड्डे को अगरवुड चिप्स और तेल के निर्यात केंद्र के रूप में मिली मंजूरी

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को अगरवुड चिप्स और तेल के निर्यात केंद्र के रूप में मंजूरी दे दी है। इससे राज्य के किसानों और निर्यातकों को राहत मिलेगी। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को दी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में गोयल ने बताया कि यह मंजूरी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुरोध पर दी गई है।

उन्होंने लिखा, "असम के लिए बड़ी खबर! मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुरोध पर, मोदी सरकार ने गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अगरवुड चिप्स और अगरवुड तेल के निर्यात केंद्र के रूप में मंजूरी दे दी है।"

मंत्री ने कहा कि इस कदम से उन किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो इस उत्पाद से जुड़े हैं, जिसके उत्पादन में असम सबसे आगे है।

गोयल ने कहा, "यह इस खास उत्पाद से जुड़े किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत है, जिसका असम एक प्रमुख उत्पादक है। यह न केवल असम के लिए, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के लिए लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा कदम है, जिससे संभावित बाजार अब और भी करीब आ जाएंगे।"

इसके अलावा, उन्होंने असम और पूर्वोत्तर के लोगों को बधाई दी।

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब असम ने अक्टूबर में दुबई को 123 किलोग्राम अगरवुड (अगर की लकड़ी) के टुकड़े निर्यात किए। राज्य सरकार ने इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम बताया।

मुख्यमंत्री सरमा ने तब कहा था कि यह निर्यात राज्य के पारंपरिक अगरवुड उद्योग के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस उद्योग से 50,000 से अधिक किसान और मजदूर जुड़े हुए हैं।

सरमा ने कहा था, "असम की सुगंधित विरासत को दुनिया तक ले जा रहे हैं!"

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, देश के कुल अगरवुड संसाधनों में से लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा असम का है।

'एक्विलारिया' प्रजाति के पेड़ों में बनने वाली एक सुगंधित लकड़ी अगरवुड का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर इत्र, अगरबत्ती, एसेंशियल ऑयल और पारंपरिक सुगंधित उत्पादों को बनाने में किया जाता है।

--आईएएनएस

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