गुवाहाटी, 6 नवंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पुलिस ने लंबित जांचों का काफी तेजी से निपटारा किया है। उन्होंने दावा किया कि 2020 में लगभग 1.54 लाख मामले लंबित थे, जो अब घटकर 10,000 से भी कम रह गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुख्यमंत्री ने दीपावली का उदाहरण देते हुए बताया कि असम पुलिस की कार्यप्रणाली और दक्षता में बड़ा सुधार आया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने लिखा, "हर दीपावली पर एक ही उलझन होती है कि कौन सा डिब्बा (उपहार) आगे पास किया जाए? असम पुलिस ने काफी समय पहले ही मामलों को एक-दूसरे पर टालना बंद कर दिया है। 2020 में 1.54 लाख मामले लंबित थे, जो आज घटकर 10,000 से भी कम रह गए हैं।"
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब असम सरकार अपने शासन एजेंडे के तहत पुलिस सुधारों, जांच में तेजी लाने और न्याय मिलने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। अगर लंबित जांचों में आई यह भारी कमी बनी रहती है, तो यह आपराधिक मामलों के निपटारे में एक बड़ा सुधार होगा और इससे आगे की न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आ सकती है।
देशभर की पुलिस के लिए लंबित जांच हमेशा से एक चुनौती रही है। कर्मचारियों की कमी, प्रक्रियात्मक देरी और आपराधिक शिकायतों की बढ़ती संख्या के कारण अक्सर बड़ी संख्या में मामले अनसुलझे रह जाते हैं।
हाल के वर्षों में, असम सरकार ने पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जांच में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित किया है। राज्य प्रशासन ने जांच अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाने और जांच को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर भी बार-बार जोर दिया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने अक्सर राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संगठित अपराधों, नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से निपटने में असम पुलिस की सक्रियता का जिक्र किया है।
मुख्यमंत्री के इस ताजा दावे से समझा जा सकता है कि सरकार असम में एक अधिक कुशल और जिम्मेदार पुलिस व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि, सरकार ने अभी तक लंबित मामलों के आंकड़ों का विस्तृत विवरण नहीं दिया है और न ही यह बताया है कि यह कमी किस समयावधि के दौरान हासिल की गई है।
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