एआई के लिए ऊर्जा सबसे बड़ी चुनौती: ब्लैकरॉक सीईओ

एआई के लिए ऊर्जा सबसे बड़ी चुनौती: ब्लैकरॉक सीईओ

वॉशिंगटन, 6 जुलाई (आईएएनएस) ब्लैकरॉक के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी लैरी फिंक ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए सबसे बड़ी बाधा अब एडवांस्ड कंप्यूटर चिप्स नहीं, बल्कि बिजली की उपलब्धता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को अपने पुराने हो चुके पावर ग्रिड को आधुनिक बनाना होगा, अन्यथा तकनीकी इनोवेशन की अगली लहर धीमी पड़ सकती है।

सीएनएन के 'फरीद जकारिया जीपीएस' को दिए एक इंटरव्यू में फिंक ने कहा कि एआई का तेजी से विस्तार कंप्यूटिंग पावर की मजबूत मांग पैदा कर रहा है, जिससे अमेरिका के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियां सामने आ रही हैं।

फिंक ने कहा, "अमेरिका में हमारे पास पर्याप्त बिजली नहीं है।" उन्होंने बिजली को एआई के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ऊर्जा के पर्याप्त संसाधन हैं, खासकर प्राकृतिक गैस, लेकिन बिजली को कुशलतापूर्वक वितरित करने के लिए जरूरी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है।

उन्होंने कहा, "हमारे पास नैचुरल गैस से मिलने वाली बहुत अधिक बिजली है, लेकिन हम इसे सही तरीके से बांट नहीं पा रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि देश को अपने बिजली ग्रिड को बढ़ाने और अपग्रेड करने के लिए "अरबों डॉलर" का निवेश करना होगा।

उन्होंने कहा, "अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हम एआई के क्षेत्र में सफल नहीं हो पाएंगे। एआई असल में इलेक्ट्रॉन्स का एक समूह है। इसलिए इलेक्ट्रॉन्स बनाने के लिए आपको बिजली की जरूरत होती है।"

फिंक ने कहा कि अभी एआई कंप्यूटिंग क्षमता की मांग सप्लाई से अधिक है, जिससे न सिर्फ एडवांस्ड चिप्स की, बल्कि बिजली और दूसरे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की भी कमी हो रही है।

उन्होंने कहा, "इस समय, सप्लाई से ज्यादा मांग है। अभी हमारे पास कंप्यूटिंग क्षमता की कमी है, जो मुझे लगता है कि आज हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या है।"

उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कंप्यूटिंग की लागत काफी कम नहीं हो जाती, तब तक छोटी संस्थाओं को एआई क्रांति का फायदा उठाने में मुश्किल हो सकती है।

फिंक ने कहा, "मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि ब्लैकरॉक या जे.पी. मॉर्गन के पास इन मॉडल्स में निवेश करने के लिए पैसे हैं या नहीं। लेकिन मुझे नगर पालिकाओं या अस्पतालों की बहुत चिंता है। क्या वे इसमें निवेश करेंगे?"

एआई टेक्नोलॉजी तक सबकी पहुंच बढ़ाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका को "एआई का लोकतंत्रीकरण" करना चाहिए ताकि अस्पताल, स्थानीय सरकारें, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और छोटे व्यवसाय भी एडवांस्ड एआई टूल्स का इस्तेमाल कर सकें।

उन्होंने कहा, "अगर हम ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो हमें कुछ गंभीर स्ट्रक्चरल समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।"

फिंक ने उन चिंताओं को भी खारिज कर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारी निवेश के बावजूद इक्विटी मार्केट्स एक सट्टा बुलबुले की स्थिति में हैं। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि असामान्य रूप से ज्यादा मांग ने ऐसी कमी पैदा की है जिससे कुछ कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स के लिए काफी अधिक कीमतें वसूल पा रही हैं।

व्यापक अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते हुए फिंक ने कहा कि हाल के भू-राजनीतिक झटकों, जिनमें ईरान से जुड़ा संघर्ष भी शामिल है, ने वैश्विक आर्थिक प्रणाली की मजबूती को साबित किया है।

ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि, सप्लाई में विविधता और टेक्नोलॉजी को अपनाने की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "वैश्विक अर्थव्यवस्था ने असल में ज्यादातर दबावों को कम किया है। हम समस्याओं का समाधान करते हैं।"

अमेरिका के वित्तीय परिदृश्य पर फिंक ने तर्क दिया कि लगातार आर्थिक विकास ही बढ़ते सरकारी कर्ज को संभालने का सबसे अच्छा तरीका है।

उन्होंने कहा, "अगर हम अर्थव्यवस्था को हर साल तीन प्रतिशत की दर से नहीं बढ़ा पाते हैं, तो हम मुश्किल में पड़ जाएंगे।"

उन्होंने नीति-निर्माताओं से ज्यादा टैक्स पर निर्भर रहने के बजाय निजी निवेश को बढ़ावा देने और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मंजूरी की प्रक्रियाओं को आसान बनाने का आग्रह किया।

--आईएएनएस

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