मुंबई, 25 जून (आईएएनएस)। अदाणी एयरपोर्ट्स ने गुरुवार को अपने एयरपोर्ट नेटवर्क के आसपास एकीकृत एयरपोर्ट सिटी विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की घोषणा की। इस परियोजना के पहले चरण में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा।
इस विकास योजना में 5 राज्यों के 6 हवाई अड्डों के आसपास 655 एकड़ से अधिक भूमि शामिल है, जिसमें अकेले मुंबई और नवी मुंबई में लगभग 440 एकड़ भूमि शामिल है।
भारत की सबसे बड़ी निजी हवाई अड्डा संचालक कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड (एएसीएल) के अनुसार, मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर और गुवाहाटी में लगभग 2.2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र का विकास किया जाएगा।
कंपनी अपने एयरपोर्ट नेटवर्क के आसपास एकीकृत एयरपोर्ट सिटी विकसित करेगी, जहां हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, मनोरंजन, सम्मेलन और कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर को आपस में बेहतर तरीके से जुड़े और पैदल चलने योग्य शहरी क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा।
एएएचएल के निदेशक जीत अदाणी ने कहा, "दुनिया भर में सबसे सफल एयरपोर्ट क्षेत्र व्यापार, पर्यटन और शहरी विकास के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। जैसे-जैसे भारत का विमानन बाजार विस्तार कर रहा है, हवाई अड्डों के पास विमानन सेवाओं से कहीं अधिक मूल्य सृजित करने का अवसर है। हम एक ऐसे एकीकृत शहरी नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं, जहां हवाई अड्डे निवेश, रोजगार, बेहतर यात्री अनुभव और शहरों के दीर्घकालिक विकास के लिए उत्प्रेरक की भूमिका निभाएंगे।"
कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित निवेश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा मुंबई और नवी मुंबई में किया जाएगा। यह मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की देश के प्रमुख वाणिज्यिक, वित्तीय और विमानन केंद्र के रूप में स्थिति को दर्शाता है।
इन परियोजनाओं को ऐसे एकीकृत और पैदल चलने योग्य शहरी क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां यात्री, व्यवसाय और स्थानीय समुदाय हवाई अड्डे, मेट्रो और शहर के परिवहन नेटवर्क से जुड़े वातावरण में होटल, कार्यालय, खुदरा स्टोर, भोजन, मनोरंजन और सम्मेलन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
यह विकास मॉडल सिंगापुर के चांगी, दुबई इंटरनेशनल, एम्स्टर्डम के शिफोल और सियोल के इंचियोन जैसे विश्व के सफल एयरपोर्ट क्षेत्रों से प्रेरित है, जिसके माध्यम से भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में एयरपोर्ट आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ाया जाएगा।
जीत अदाणी ने कहा, "इन परियोजनाओं को वैश्विक स्तर की डिजाइन और इंजीनियरिंग कंपनियों के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। साथ ही हॉस्पिटैलिटी, खुदरा कारोबार, कार्यस्थलों और मनोरंजन क्षेत्र के उभरते रुझानों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य ऐसे जीवंत क्षेत्रों का निर्माण करना है, जहां बेहतर संपर्क और बेहतर अनुभव दोनों मिलें। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजित होंगे और आसपास के समुदायों के लिए दीर्घकालिक मूल्य का निर्माण होगा।"
पारंपरिक रियल एस्टेट परियोजनाओं के विपरीत, एयरपोर्ट सिटी मॉडल को संपर्क और अनुभव को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। ये क्षेत्र स्वतंत्र परियोजनाओं के रूप में काम करने के बजाय एयरपोर्ट पारिस्थितिकी तंत्र के स्वाभाविक विस्तार के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।
कंपनी के अनुसार, एक ही सुव्यवस्थित योजना के तहत होटल, कार्यस्थल, खुदरा दुकानों, मनोरंजन और सम्मेलन सुविधाओं को जोड़कर ऐसे जीवंत और पैदल चलने योग्य गंतव्य तैयार किए जाएंगे, जो आसपास के शहरों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगे।
इस पहल के तहत एएएचएल ने आईएचजी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ 5 लक्जरी और प्रीमियम होटलों के लिए होटल प्रबंधन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही भारत में पहली बार किम्पटन ब्रांड की भी शुरुआत की जाएगी।
कंपनी हॉस्पिटैलिटी, खाद्य एवं पेय पदार्थ, खुदरा कारोबार और मनोरंजन क्षेत्रों में देश और विदेश की प्रमुख कंपनियों के साथ भी साझेदारी की दिशा में काम कर रही है।
--आईएएनएस
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