मॉस्को, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में होने वाली आगामी वार्ता त्रिपक्षीय प्रारूप में आयोजित की जाएगी। हालांकि, क्रेमलिन ने इसमें यूरोपीय देशों की भागीदारी की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। उनसे पूछा गया था कि क्या प्रस्तावित वार्ता में यूरोप को भी शामिल कर इसे चार पक्षों की बातचीत बनाया जा सकता है।
पेसकोव ने कहा, “सैद्धांतिक रूप से किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में होने वाली जिस वार्ता की हम बात कर रहे हैं, वह त्रिपक्षीय प्रारूप में होगी।”
तास की रिपोर्ट के अनुसार, इस बातचीत में रूस और यूक्रेन के लिए युद्ध के बाद सुरक्षा गारंटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही यूरोप की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी बातचीत के दायरे में आ सकता है।
इस बीच, पेसकोव ने बताया कि रूसी डीजल ईंधन लेकर पहला टैंकर अमेरिका के लिए रवाना हो चुका है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह की आपूर्ति नियमित रूप से जारी रहेगी। पेसकोव ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय की ओर से पहले ही इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है कि पहला टैंकर अपने निर्धारित गंतव्य और खरीदारों के लिए रवाना हो गया है। उन्होंने कहा कि अब आगे भी इसकी आपूर्ति नियमित रूप से होती रहेगी।
इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को चेतावनी दी थी कि रूस के साथ शांति समझौते में देरी करने से यूक्रेन की स्थिति और मुश्किल हो सकती है। ट्रंप ने तर्क दिया कि रूस लगातार क्षेत्रीय बढ़त हासिल कर रहा है और संघर्ष के शुरुआती दौर में जिन शर्तों पर समझौता संभव था, उन्हें हासिल करने का अवसर अब यूक्रेन के हाथ से निकल सकता है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि रूस की सैन्य बढ़त और यूक्रेन में बढ़ती जनहानि के कारण बातचीत के जरिए समझौता करना अब और जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि रूस की बड़ी आबादी उसे लंबे समय तक युद्ध जारी रखने में महत्वपूर्ण बढ़त देती है। ट्रंप ने माना कि दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन उनके अनुसार, आबादी के लिहाज से यूक्रेन के सामने अधिक सीमाएं हैं।
ट्रंप ने कहा, “यूक्रेन को इस युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौता करना होगा। जेलेंस्की को इस युद्ध को समाप्त करने के लिए तैयार होना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो मुझे लगता है कि यह बहुत बुरा होगा।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि जेलेंस्की पहले वाशिंगटन के साथ हुई चर्चाओं के दौरान अधिक अनुकूल शर्तों पर समझौता कर सकते थे।
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