नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। सरकार ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि अब तक 2,922 से अधिक भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 30 लोग खाड़ी क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से लाए गए हैं।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और समुद्री गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहा है।
मंत्रालय ने कहा, "क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम ने अब तक 8,335 कॉल्स और 17,838 से अधिक ईमेल संभाले हैं। पिछले 24 घंटों में 67 कॉल और 144 ईमेल प्राप्त हुए।"
बयान में आगे कहा गया है कि देश भर के बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी जाम (कंजेशन) की स्थिति नहीं है।
विदेश मंत्रालय भी खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रहा है।
सरकार ने बताया कि समय-समय पर नई एडवाइजरी जारी की जा रही हैं, जिनमें स्थानीय नियम, यात्रा और उड़ानों की जानकारी, कांसुलर सेवाएं और अन्य सुविधाओं के बारे में बताया जाता है। भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीयों और संगठनों से लगातार संपर्क में हैं और उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
उड़ानों की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है और खाड़ी क्षेत्र से भारत के लिए अतिरिक्त उड़ानें भी चलाई जा रही हैं। यूएई में सुरक्षा और संचालन के आधार पर सीमित कमर्शियल फ्लाइट्स चल रही हैं। सऊदी अरब और ओमान से भी भारत के लिए नियमित उड़ानें जारी हैं।
सरकार ने बताया कि इराक का हवाई क्षेत्र सीमित उड़ानों के साथ खुला है, जिससे लोग भारत आ सकते हैं। ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है, जहां कार्गो और चार्टर्ड उड़ानें चल रही हैं।
भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है और जो लोग वहां हैं, उन्हें भारतीय दूतावास की मदद से जमीनी रास्तों से वापस आने के लिए कहा गया है।
अब तक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 2,490 भारतीय नागरिकों को ईरान से जमीनी रास्तों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला है।
--आईएएनएस
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