मुंबई, 30 जनवरी (आईएएनएस)। आज के दौर में बड़े बजट की फिल्में, भारी-भरकम एक्शन और वीएफएक्स के दम पर दर्शकों को खींचने में लगी हुई है। इस कड़ी में स्टैंड-अप कॉमेडियन और अभिनेता वीर दास की फिल्म 'हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस' सबका ध्यान खींच रही है। फिल्म का दूसरे हफ्ते में भी थिएटर्स में बने रहना वीर दास के लिए बेहद खास और भावुक करने वाला अनुभव है।
फिल्म को दर्शकों से मिल रही प्रतिक्रिया को लेकर वीर दास ने अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा, ''शुरुआत से ही टीम को पता था कि यह एक छोटी फिल्म है, जो ऐसे बाजार में उतर रही है जहां स्केल और स्पेक्टेकल हावी हैं। ऐसे में फिल्म का दूसरे हफ्ते तक सिनेमाघरों में चलना मेरे लिए काफी मायने रखता है।''
वीर दास ने आगे कहा, ''इस सफलता का असली श्रेय दर्शकों को जाता है, जिन्होंने फिल्म को देखा, उसके बारे में बात की और दूसरों को भी देखने के लिए प्रेरित किया। दर्शकों का यही प्यार और भरोसा किसी छोटी फिल्म को लंबे समय तक थिएटर में बनाए रखता है।''
उन्होंने कहा, '''हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस' मेरे करियर की अहम फिल्म है, क्योंकि यह मेरी बतौर निर्देशक पहली फीचर फिल्म है। इस फिल्म के जरिए मैंने सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली है।''
कहानी की बात करें तो फिल्म एक अनोखे और मजेदार कॉन्सेप्ट पर आधारित है। 'हैप्पी पटेल' दो ब्रिटिश एजेंट्स का गोद लिया हुआ बेटा है, जो एक गे कपल हैं। हैप्पी का सपना अपने पिताओं की तरह जासूस बनकर एजेंसी का हिस्सा बनने का होता है, लेकिन वह इसमें असफल रहता है। इसके बाद उसकी जिंदगी एक नया मोड़ लेती है, जब उसे पता चलता है कि वह असल में भारतीय मूल का है। कहानी यहीं से दिलचस्प और ट्विस्ट से भरी हो जाती है।
हैप्पी को गोवा में एक मिशन पर भेजा जाता है, जहां उसे एक विदेशी महिला को बचाने और सुरक्षित बाहर निकालने का काम सौंपा जाता है। इस महिला से जबरन एक फैक्ट्री में फेयरनेस क्रीम का फार्मूला बनवाया जा रहा होता है। इस पूरे मामले के पीछे लोकल डॉन मामा का हाथ होता है, जिसकी हैप्पी के साथ पुरानी दुश्मनी भी होती है।
फिल्म में मिथिला पालकर, मोना सिंह, शारिब हाशमी और सृष्टि तावड़े जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।
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