नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे नए साल पर यात्रियों को एक बड़ी सौगात देने जा रही है। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह आधुनिक ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा (कोलकाता) और असम के गुवाहाटी के बीच चलाई जाएगी।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुवाहाटी-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया हवाई सफर की तुलना में काफी किफायती होगा। जहां इस रूट पर विमान का किराया आमतौर पर 6,000 से 8,000 रुपए तक होता है, वहीं वंदे भारत स्लीपर में थर्ड एसी का किराया भोजन सहित करीब 2,300 रुपए, सेकंड एसी लगभग 3,000 रुपए और फर्स्ट एसी करीब 3,600 रुपए रखा गया है। ये दरें खास तौर पर मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय की गई हैं।
रेल मंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयर कार ने देशभर में यात्रियों का भरोसा जीता है और अब हर राज्य से वंदे भारत ट्रेनों की मांग आ रही है। उन्होंने कहा कि उसी स्तर की सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक मानकों के साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के जरिए अब आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा की नई शुरुआत होगी।
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह सेवा अगले 15 से 20 दिनों में, संभवतः 18 या 19 जनवरी के आसपास शुरू की जा सकती है। प्रधानमंत्री से इस संबंध में अनुरोध किया जा चुका है और औपचारिक तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। वंदे भारत स्लीपर का पहला ट्रेनसेट पूरी तरह तैयार है और सफल ट्रायल के बाद इसे यात्रियों के लिए उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 एसी थ्री-टियर, 4 एसी टू-टियर और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल रहेगा। इस ट्रेन में एक बार में 823 यात्री सफर कर सकेंगे। यह रूट पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा रखी गई है। हाल ही में कोटा-नागदा सेक्शन पर इसके हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए गए। परीक्षण के दौरान ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। खास बात यह रही कि ‘वॉटर टेस्ट’ में इतनी तेज गति पर भी पानी से भरे गिलास स्थिर रहे, जिससे ट्रेन की बेहतरीन स्थिरता और उन्नत तकनीक साबित हुई।
रेल मंत्री ने बताया कि अगले छह महीनों में 8 और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी। इस तरह साल 2026 के अंत तक इनकी संख्या 12 हो जाएगी। भविष्य में भारतीय रेलवे देशभर में 200 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है, जिससे लंबी दूरी की रेल यात्रा का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा।
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