गुजरात: वडोदरा में गरबा आयोजनों पर 'शी टीम' बनी सुरक्षा की ढाल, महिला उद्यमियों ने की पुलिस की सराहना

गुजरात: वडोदरा में गरबा आयोजनों पर 'शी टीम' बनी सुरक्षा की ढाल, महिला उद्यमियों ने की पुलिस की सराहना

वडोदरा, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में नवरात्रि पर्व की धूमधाम से उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। वडोदरा में गरबा आयोजनों के साथ महिला उद्यमी भी अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्टॉल लगा रही हैं। देर रात तक चलने वाले इन आयोजनों में महिला स्टॉल संचालिकाओं और ग्राहकों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की ओर से महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की जा रही है।

गरबा मैदानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की 'शी टीम' लगातार सक्रिय रहती है। वहीं, महिला उद्यमियों और ग्राहकों को भी सुरक्षित माहौल मिलने से उनमें विश्वास बढ़ा है।

वडोदरा की महिला उद्यमियों का कहना है कि वे देर रात तक अपने स्टॉल पर काम करते हुए सुरक्षित महसूस करती हैं। महिला ग्राहकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार की सराहना की है। महिलाओं ने सरकार और पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल से वे नवरात्रि का आनंद लेने के साथ खरीदारी भी कर पा रही हैं। सुरक्षा के इन प्रयासों से महिला उद्यमियों को अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने में प्रोत्साहन मिल रहा है।

एक महिला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि वडोदरा एक सुरक्षित शहर है। यहां रात में भी लोग गरबा का आनंद ले पा रहे हैं। शहर में महिलाएं भी सुरक्षित महसूस करती हैं। इसलिए यहां के पुलिस प्रशासन और सरकार को हम धन्यवाद देना चाहते हैं।

गरबा समारोह में हिस्सा लेने आई एक और महिला ने कहा, "सरकार ने 'शी टीम' बनाकर एक अच्छी पहल की है। जब हम महिलाएं गरबा कार्यक्रम से बाहर निकलती हैं तो बाहर भी सुरक्षित महसूस करती हैं।"

एक स्टॉल ऑनर ने कहा, "इस उत्सव के दौरान हमें हर रोज रात के 3-4 बज जाते हैं। हमें बिल्कुल सुरक्षित महसूस होता है। थोड़ी थोड़ी दूर पर पुलिसकर्मी घूमते रहते हैं। 'शी टीम' भी यहां उपस्थित रहती है। जब रात में हमें घर लौटना होता है तो उस समय भी हम लोग सुरक्षित महसूस करते हैं।"

डीसीपी मंजिता वंजारा ने आईएएनएस से कहा, "वडोदरा शहर में काफी उत्साह है, क्योंकि यहां नवरात्रि बहुत लोकप्रिय है और अलग-अलग पंडालों में जश्न का आयोजन किया जाता है। पुलिस, कार्यक्रम आयोजकों और सुरक्षा टीमों के साथ तालमेल बिठाकर काम कर रही है। वरिष्ठ अधिकारी भी यहां का दौरा और निरीक्षण कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि गरबा कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब महिलाएं घर लौटती हैं, उस समय हमारी 'शी टीम' रूट पर भी गश्त करती हैं। किसी भी सूचना पर कंट्रोल रूम की टीमें, क्विक रिस्पॉन्स टीम और डायल 112 की टीमें तुरंत पहुंचती हैं।

--आईएएनएस

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