गुजरात सरकार ने टीआरबी जवानों का बढ़ाया मानदेय, कर्मियों ने लोगों को खिलाई मिठाइयां, सरकार का भी जताया आभार

गुजरात सरकार ने टीआरबी जवानों का बढ़ाया मानदेय, कर्मियों ने लोगों को खिलाई मिठाइयां, सरकार का भी जताया आभार

सूरत, 13 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश और उपमुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने ट्रैफिक ब्रिगेड (टीआरबी) कर्मियों के हित में एक अहम और संवेदनशील फैसला लिया है। गृह विभाग द्वारा लिए गए इस निर्णय के तहत राज्यभर में कार्यरत ट्रैफिक ब्रिगेड कर्मियों का दैनिक मानदेय 300 रुपए से बढ़ाकर 450 रुपए कर दिया गया है।

इस फैसले के बाद वर्षों से शहरों की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाले टीआरबी जवानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

मानदेय बढ़ोतरी की खुशी में सूरत में टीआरबी जवानों ने सड़क पर वाहन चालकों को मिठाइयां खिलाकर जश्न मनाया। इस दौरान सूरत ट्रैफिक डीसीपी के. अनुपम भी मौजूद रहे।

टीआरबी कर्मियों ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस फैसले से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे इन कर्मियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।

टीआरबी के सुपरवाइजर मोहम्मद टीनवाला ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार द्वारा ट्रैफिक ब्रिगेड कर्मियों का दैनिक मानदेय बढ़ाकर 450 रुपए किया जाना बेहद सराहनीय कदम है।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से ट्रैफिक ब्रिगेड में खुशी का माहौल है और अब कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी। उन्होंने मानदेय बढ़ोतरी के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

वहीं, टीआरबी जवान गीता निम्बालकर ने बताया कि वे पिछले करीब 15 वर्षों से ट्रैफिक ब्रिगेड में सेवा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की खबर से उनके परिवार में खुशी का माहौल है।

गीता निम्बालकर ने कहा कि लंबे समय के बाद सरकार ने उनकी मेहनत और सेवाओं को समझते हुए यह फैसला लिया है, जिसके लिए वे राज्य सरकार की आभारी हैं।

गौरतलब है कि ट्रैफिक एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा सूरत, राजकोट और वडोदरा जैसे बड़े शहरों में शुरू किया गया ट्रैफिक ब्रिगेड सिस्टम अब पूरे गुजरात में लागू हो चुका है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले इन कर्मियों की जिम्मेदारियों और कार्यभार को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम