नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। बजट 2026 से पहले सरकार की ओर से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) संग्रह के आंकड़े रविवार को पेश कर दिए हैं। जनवरी में सकल जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इससे पहले जनवरी 2025 में जीएसटी संग्रह 1.82 लाख करोड़ रुपए था।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अप्रैल से जनवरी 2025-26 की अवधि में सकल जीएसटी संग्रह 18.43 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
जनवरी में शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.70 लाख करोड़ रुपए रहा है। इसमें पिछले साल की समान अवधि में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से अब तक शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 6.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 15.95 लाख करोड़ रुपए था।
जनवरी में रिफंड में मिलाजुला रुझान देखने को मिला है। बीते महीने कुल जीएसटी रिफंड 22,665 करोड़ रुपए रहा है। इसमें सालाना आधार पर 3.1 प्रतिशत की कमी आई है। घरेलू रिफंड सालाना आधार पर 7.1 प्रतिशत कम होकर 13,119 करोड़ रुपए हो गया है। निर्यात रिफंड सालाना आधार पर 2.9 प्रतिशत बढ़कर 9,546 करोड़ रुपए हो गया है।
दिसंबर में जीएसटी संग्रह में पिछले वर्ष के इसी महीने के 1,64,556 करोड़ रुपए की तुलना में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी और यह बढ़कर 1,74,550 करोड़ रुपए हो गया था, जो इस महीने के दौरान आर्थिक गतिविधियों में हुई वृद्धि को दर्शाता है। केंद्रीय जीएसटी संग्रह बढ़कर 34,289 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी संग्रह बढ़कर 41,368 करोड़ रुपए और एकीकृत जीएसटी संग्रह बढ़कर 98,894 करोड़ रुपए हो गया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आज संसद में बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री बजट ऐसे समय पर पेश कर रही हैं, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिस्थितियां कठिन बनी हुई हैं और टैरिफ से प्रभावित कई सेक्टर्स राहत की उम्मीद कर रहे हैं। इस कारण बजट 2026 में बाजार का ध्यान इंडस्ट्री और निर्यात से जुड़े ऐलान पर हो सकता है।
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