नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए बजट में 'बायोफार्मा शक्ति' स्कीम का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार की ओर से अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
वित्त मंत्री बजट भाषण में बताया कि इस स्कीम के तहत देश में बायो-फार्मा को बढ़ावा देने को लिए 1,000 मान्यता प्राप्त परीक्षण स्थलों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
इसके जरिए सरकार की कोशिश देश में तेजी से फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा, वित्त मंत्री ने खनिज संपन्न राज्यों जैसे ओडिशा, केरल और आंध्रप्रदेश को रेयर अर्थ मिनरल की खोज को आगे बढ़ाने के लिए सपोर्ट का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत रेयर अर्थ कोरिडोर्स विकसित किए जाएंगे और रेयर अर्थ की खनन एवं रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब तक 350 से अधिक सुधार किए जा चुके हैं। इसमें जीएसटी और लेबर कोड्स शामिल है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “12 साल पहले सत्ता संभालने के बाद से देश की आर्थिक प्रगति स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और मध्यम मुद्रास्फीति से चिह्नित रही है। यह अनिश्चितता और व्यवधानों के दौर में भी हमारे द्वारा लिए गए सचेत निर्णयों का परिणाम है।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवीं बार बजट है। इससे सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा विभिन्न समयावधियों में पेश किए गए 10 बजटों के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच गई हैं। देसाई ने 1959 से 1964 तक वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में छह बजट और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमशः नौ और आठ बजट पेश किए थे।
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