भारत की ग्रोथ स्टोरी पर बढ़ रहा दुनिया का भरोसा, अच्छी गवर्नेंस और भरोसेमंद सिस्टम से आएगा ज्यादा निवेश: विशेषज्ञ

भारत की ग्रोथ स्टोरी पर बढ़ रहा दुनिया का भरोसा, अच्छी गवर्नेंस और भरोसेमंद सिस्टम से आएगा ज्यादा निवेश: विशेषज्ञ

नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। प्राइस वाटरहाउस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एलएलपी के विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास यात्रा को लेकर वैश्विक निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस, पारदर्शी वित्तीय रिपोर्टिंग और विश्वसनीय संस्थागत व्यवस्था भारत को टिकाऊ आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा कारोबार को आसान बनाने के लिए उठाए जा रहे कदम भी देश में अधिक पूंजी, प्रतिभा और निवेश आकर्षित करने में मदद कर रहे हैं।

प्राइस वाटरहाउस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एलएलपी के पार्टनर राहुल चट्टोपाध्याय ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आज लगभग हर कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व को अच्छी तरह समझ रही है। उन्होंने कहा कि आज सूचना सभी के लिए आसानी से उपलब्ध है और कंपनियां एआई-आधारित विकास को गति देने के लिए जरूरी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में लगातार निवेश कर रही हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में एआई कारोबार की दिशा तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बनने जा रहा है।

राहुल चट्टोपाध्याय ने कहा कि इस चर्चा से सबसे बड़ा संदेश यही निकलकर आया कि किसी भी संगठन के लिए विश्वसनीयता सबसे बड़ी पूंजी होती है। जब किसी कंपनी पर भरोसा बढ़ता है, तो उसे बेहतर निवेश मिलता है और यही निवेश आगे चलकर टिकाऊ विकास का आधार बनता है।

उन्होंने कहा, "विश्वसनीयता केवल एक चीज से नहीं बनती, बल्कि अच्छी कॉरपोरेट गवर्नेंस, पारदर्शी वित्तीय रिपोर्टिंग और मजबूत आंतरिक प्रणालियां मिलकर किसी कंपनी की साख तैयार करती हैं। ऐसी कंपनियां बेहतर निवेश, प्रतिभाशाली कर्मचारियों और दीर्घकालिक विकास को आकर्षित करने में सफल रहती हैं।"

चट्टोपाध्याय ने आगे कहा कि केंद्र सरकार कारोबार को आसान बनाने के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इन सुधारों का उद्देश्य भारत की आर्थिक वृद्धि को टिकाऊ बनाना और देश में अधिक निवेश, पूंजी तथा प्रतिभा को आकर्षित करना है।

उन्होंने कहा कि उन्हें भारत की विकास यात्रा पर पूरा भरोसा है। भारत एक युवा देश है, जहां मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और बेहतर गवर्नेंस मौजूद है। यही मजबूत बुनियादी ढांचा आने वाले वर्षों में देश को स्थायी आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगा।

वहीं, प्राइस वाटरहाउस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एलएलपी के पार्टनर अनुराग खंडेलवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि किसी भी संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भरोसा कायम करना और उसे लंबे समय तक बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय विकास का मतलब केवल अधिक मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि अच्छी गवर्नेंस और पारदर्शिता बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, "अर्थव्यवस्था में कई ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां कंपनियां शुरुआत में तेजी से आगे बढ़ीं, लेकिन भरोसा बनाए नहीं रख सकीं और लंबे समय तक टिक नहीं पाईं। इसलिए केवल विकास हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे लगातार बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।"

खंडेलवाल ने आगे कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था और भारतीय कंपनियों में अपार संभावनाएं हैं। हालांकि, इतिहास बताता है कि वही कंपनियां लंबे समय तक सफल रही हैं, जिन्होंने कॉरपोरेट गवर्नेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

उन्होंने बताया कि मजबूत और टिकाऊ विकास के लिए पूरे कारोबारी इकोसिस्टम को मिलकर काम करना होगा। इसमें संस्थापक, निवेशक, वित्तीय रिपोर्टिंग की निगरानी करने वाले स्वतंत्र संस्थान और अन्य सभी हितधारकों की बराबर की भूमिका है। जब सभी पक्ष अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी से निभाएंगे, तभी भारत की विकास यात्रा और अधिक मजबूत तथा टिकाऊ बन सकेगी।

--आईएएनएस

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